45 लाख रुपए लूट की कहानी: लॉकडाउन में पिता का कारोबार ठप हो गया, फ्लेट के लिए लोन लेने से 10 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज था, इसलिए मां बेटों ने मिलकर रची वारदात


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जयपुर4 मिनट पहले

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कोतवाली थाना पुलिस की गिरफ्त में 45 लाख लुटने वाला पार्थ व्यास (सफेद शर्ट में बैठे हुए), वारदात के मास्टरमाइंड हंसा देवी और उनके दोनों बेटे प्रियांशु शर्मा और रवि शर्मा

  • किशनपोल बाजार 10 मार्च को हवाला कारोबारी के ऑफिस में हुआ लूट का खुलासा

राजधानी के परकोटे में 10 मार्च को दिनदहाड़े हुई हवाला कारोबारी के यहां 45 लाख रुपए की लूट का रविवार को खुलासा हो गया। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने वारदात की मास्टरमाइंड एक महिला, उसके दोनों बेटों और रिश्तेदारी में लगने वाले भाई सहित छह जनों को गिरफ्तार कर लिया। लूटी गई 45 लाख रुपए की रकम भी बरामद कर ली है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार हंसा देवी के पति लेबर कांट्रेक्टर का व्यवसाय करते थे, जो कि काफी अच्छा चल रहा था।

लेकिन लॉकडाउन में कारोबार ठप्प हो गया। मजदूर अपने गांव को पलायन कर गए। लॉकडाउन खुलने के बाद भी कांट्रेक्ट मिलना बिल्कुल कम हो गया। वहीं, इस परिवार ने चित्रकूट में एक निजी हॉस्पिटल के सामने लाखों रुपए का लोन लेकर एक फ्लैट लिया था। इसकी किश्तें नहीं चुकने से कुर्की की नौबत आने लगी थी। इस परिवार में हंसा देवी का बेटा कहीं निजी जॉब कर रहा था। जहां काफी कम सेलेरी मिल रही थी। परिवार की आजीविका उसी पर चल रही थी।

ऐसे में हंसा देवी ने अपने छोटे बेटे पार्थिव को किसी परिचित के माध्यम से हवाला फर्म केडीएफ एंटरप्राइजेज के यहां करीब 15-20 दिन पहले जॉब दिलवाई। यही मूल रुप से अहमदाबाद में रहने वाला पार्थिव का मामा पार्थ व्यास भी एक साल पहले हवाला फर्म में जॉब करके गया था। उसे जॉब से हटा दिया गया था। पार्थ व्यास को लगता था कि केडीएफ एंटरप्राइजेज फर्म के संचालक दिनेश ने उसे हटवाया है। जहां पार्थिव जॉब करता था।

इसलिए रचने लूट की साजिश

पुलिस का कहना है कि आर्थिक कर्जे का भार लगातार बढ़ने पर हंसा देवी ने बेटे पार्थिव व रिश्ते में भाई पार्थ व्यास की मदद से दिनेश के यहां रुपए लूटने की साजिश रचने लगे। वे कभी फोन पर बात करतें तो कभी पार्थ के अहमदाबाद से यहां आने पर साजिश रचते। आखिरकार उन्होंने वारदात करना तय कर लिया। पार्थ भी लूट की वारदात में शामिल होकर दिनेश से बदला लेना चाहता था। वारदात के दिन अहमदाबाद से जयपुर पहुंचने के बाद सुबह 9 बजे पार्थ, पार्थिव के घर गया। वहां सबकुछ तय किया। इसके बाद दोपहर 12 बजे हवाला कारोबारी के फम पर पहुंचा और वारदात कर भाग निकला।

अपने ड्राइवर व दोस्त के साथ बेटे की कार लेकर पार्थ को लेने पहुंची हंसा देवी

लूटे गए रुपयों को लेकर अजमेर रोड फ्लाइओवर तक पहुंचने के बाद योजना के मुताबिक हंसा देवी अपने ड्राइवर भगवान के साथ दोस्त के बेटे मोहित की कार लेकर वहां पहुंची। पार्थ को लेकर वह अपने घर पहुंची। वहां पार्थ के जूते भी छिपाए। फिर 45 लाख रुपयों को दो हिस्सों में बांट लिया। इनमें एक हिस्सा हंसा और दूसरा हिस्सा पार्थ व्यास ने रखा।

इसके बाद वह तत्काल अहमदाबाद के लिए रवाना हो गया। ब्यावर पहुंचने पर उसने मोबाइल बंद कर लिया था। सब कुछ प्लान के मुताबिक था। लेकिन जांच में जुटी पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी पड़ताल में सुराग मिलते गए। दूसरी तरफ संदेह के दायरे में आया पार्थिव उर्फ बंटी भी पुलिस की पूछताछ में टूट गया। उसने गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद सभी गुनाहगार पुलिस गिरफ्त में आ गए।

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