318 करोड़ की सब्सिडी का खेल: गैस सिलेण्डर के दाम मार्च 2020 के बराबर पहुंचे लेकिन तब सब्सिडी 216 रुपए मिलती थी और अब कुछ नहीं


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जयपुर15 मिनट पहले

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पेट्रोल-डीजल के साथ अब रसोई गैस सिलेण्डरों की कीमतों ने आमजन को महंगाई के बोझ तले दबा दिया हैं। इन जरूरत की चीजों के बहाने सरकार और कंपनियां अब अपने खजाने को भरने में जुटी हैं। राजस्थान की बात करें तो गैस के दाम बढ़ाने के बाद अब केन्द्र सरकार हर माह राजस्थान से ही लगभग 318 करोड़ रुपए की एक्सट्रा इनकम होगी। क्योंकि कोरोनाकाल में मई से गैस सब्सिडी आनी बंद हो गई, जिसके बाद से आज दिन तक गैस की कीमतों में लगभग 190 रुपए का अंतर आ गया हैं।

1.66 करोड़ उपभोक्ता है पूरे प्रदेश में
राजस्थान में वर्तमान में तीनों कंपनियों (IOCL, HPCL और BPCL) के 1.66 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता है। इनमें से लगभग 6.38 लाख लोग केन्द्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ चुके हैं। इस हिसाब से पूरे प्रदेश में अब रसोई गैस पर सब्सिडी लेने वाली की संख्या लगभग 1.59 करोड़ हैं।

मार्च में मिलती थी 216 रुपए की सब्सिडी
जनवरी 2020 से अप्रेल 2020 तक मिली सब्सिडी की राशि को देखें तो ये गैस सिलेण्डर की कुल कीमत का 20 से 30 फीसदी के बराबर हैं। सब्सिडी के मिले आंकड़ों और गैस की कीमतों के आधार पर जनवरी में गैस सब्सिडी कुल कीमत का 20 प्रतिशत, फरवरी में 32, मार्च में 27 और अप्रेल में 20 प्रतिशत मिली थी। इस हिसाब से मौजूदा समय में गैस के दाम मार्च 2020 के लगभग बराबर है। मार्च 2020 में घरेलु गैस सिलेण्डर के दाम 792.50 रुपए थे और उस समय आमजन के खाते में 216 रुपए की सब्सिडी आती थी। वर्तमान में गैस सिलेण्डर के दाम 773 रुपए है और 27 फीसदी के हिसाब से सब्सिडी लगभग 208 रुपए तक आनी चाहिए। ये सब्सिडी केन्द्र सरकार राज्य की जनता को न देकर अपने खजाने में डालेगी, जिसका एक माह अनुमान राशि लगभग 318 करोड़ रुपए पहुंचेगी।

सरकार को देनी चाहिए राहत
एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर फेडरेशन ऑफ राजस्थान के महासचिव कार्तिकेय गौड़ ने कहा कि अब कोरोनाकाल से देश उभर रहा है, लेकिन जनता की स्थिति अभी भी ठीक नहीं है। लोगों को सब्सिडी पहले की तरह सरकार को देनी चाहिए। साथ ही जनता को भी फ्यूल कंजर्वेशन पर ध्यान देना चाहिए। प्रेशर कुकर में खाना बनाना चाहिए और हो सके तो संयुक्त परिवार अगर कहीं है तो वहां एक साथ लोगों को खाना बनना चाहिए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की बचत पर भी लोगों को ध्यान देते हुए ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन पर उपयोग होना चाहिए।

जनवरी 2020 से यूं बढ़े दाम, इतनी आती थी सब्सिडी

माह दाम सब्सिडी
जनवरी 2020 701 143
फरवरी 845 276
मार्च 792.50 216
अप्रेल 731 147
मई 583 0
जून 594.5 0
जुलाई 598 0
अगस्त 598 0
सितम्बर 598 0
अक्टूबर 598 0
नवंबर 598 0
दिसंबर 698 0
जनवरी 2021 698 0
15 फरवरी 2021 773 0

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