हनुमानगढ़ में पकड़ा गया धोखेबाज: आर्मी में नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपए हड़प चुका शातिर ठग गिरफ्तार, पुलिस से बचने के लिए ननिहाल में छिपा था


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जयपुर6 मिनट पहले

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सिंधीकैंप थाना जयपुर में गिरफ्तार हुआ अजय सिंह राठौड़, जो कि बेरोजगार युवकों को आर्मी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगता है

  • आरोपी के खिलाफ हनुमानगढ़ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज है ठगी के मुकदमे
  • कई दिनों से पुलिस से बचकर भाग रहा था, नोहर थाने में राजीनामा करने पहुंचा था

बेरोजगार युवाओं को अपनी जान पहचान से आर्मी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हुआ एक शातिर ठग को जयपुर पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ जयपुर के अलावा हनुमानगढ़ के नोहर, भादरा, गोगामेडी थानों में धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज है। लेकिन हनुमानगढ़ पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।

डीसीपी (पश्चिम) प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अजय सिंह राठौड़ (38) हनुमानगढ़ का रहने वाला है। इसके खिलाफ हरियाणा में हिसार निवासी संदीप कुमार ने सिंधीकैंप थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें पीड़ित ने बताया कि आरोपी अजय सिंह ने फर्जी व जाली दस्तावेज बनाकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस( एमईएस) में स्टोर कीपर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर करीब 7.50 लाख रूपये ठग लिये। तब केस की जांच सिंधीकैंप थानाप्रभारी गुंजन सोनी के निर्देशन में एएसआई सुरेश कुमार एएसआई को सौंपी गई।

राजीनामा करने हनुमानगढ़ पहुंचा था, जयपुर पुलिस ने छापा मारा तो नानी के घर छिपा

थानाप्रभारी गुंजन सोनी ने बताया कि शातिर आरोपी अजय सिंह की तलाश के लिए कई ठिकानों पर दबिश दी गई। वह हर बार बचकर भाग निकला। फिर मुखबिर से पता चला कि अजय सिंह राठौड़ हनुमानगढ़ जिले के नोहर पुलिस थाने में अन्य किसी मामले में राजीनामा करने आया हुआ है। पुलिस टीम वहां पहुंची तब अजय सिंह को भनक लग गई। वह नोहर थाने से भागकर अपने ननिहाल पीलीबंगा हनुमानगढ में जाकर छिपा गया। जहां जयपुर की सिंधीकैंप थाना पुलिस ने उसे धरदबोचा।

ठगी की वारदात का तरीका

आरोपी बेरोजगार युवाओं को अपनी जान पहचान के आधार पर आर्मी में नौकरी लगवाने का झांसा देता था फिर अलग अलग किस्तों में नकद या बैंक एकाउन्ट में कई लाख रूपये एक एक बेरोजगार युवक से लेता है। फिर उनको फर्जी नियुक्ति पत्र मेडीकल हेतु कॉल लेटर आदि मोबाइल पर भेजता है। जब बेरोजगार युवा मेडिकल के लिए बताई हुई जगह पर पहुंचते है। तब उनको ठगी का पता चलता है। वे आरोपी अजय सिंह को रूपये वापस करने की बात कहते तो आरोपी जमीन बेचकर रूपये लौटाने का आश्वासन देकर टरकाता रहता था।

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