सैन्य अलंकरण समारोह: जांबाज सैनिकों के सम्मान के लिए सज चुका है आलीशान मंच, बेमिसाल वीरता दर्शाने वाले 44 अधिकारी व जवान होंगे सम्मानित


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जोधपुर8 मिनट पहले

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जोधपुर में शुक्रवार को दक्षिणी कमान के बहादुर सैनिकों व अधिकारियों का सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए तैयार मंच।

  • कोणार्क कोर की ओर से दक्षिण कमान का अलंकरण समारोह शुक्रवार को जोधपुर में

देश के वीर जांबाज सैनिकों के सम्मान के लिए जोधपुर में आलीशान मंच सज चुका है। इस मंच पर भारतीय सेना के बहादुरों को उनकी बेमिसाल वीरता के लिए सम्मानित किया जाएगा। अपने बहादुर जवानों को सम्मानित करने की परंपरा को ध्यान में रखते हुए सेना हर साल क्षेत्रीय आधार पर अलंकरण समारोह का आयोजन करती है। दक्षिण कमान के अलंकरण समारोह का आयोजन 12 फ़रवरी को कोणार्क कोर की ओर से जोधपुर में किया जा रहा है।

दक्षिण कमान की कोणार्क कोर में यहां आयोजित किया जाएगा भव्य सम्मान समारोह।

दक्षिण कमान की कोणार्क कोर में यहां आयोजित किया जाएगा भव्य सम्मान समारोह।

भारतीय सेना उन अधिकारियों, जूनियर कमीशन अधिकारियों और अन्य रैंक को सम्मानित करेगी, जिन्हें 26 जनवरी 2020 और 15 अगस्त 2020 को वीरता के साथ-साथ प्रतिष्ठित पुरस्कार भी दिए गए थे। दक्षिण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल जे एस नैण 44 सैनिकों को वीरता तथा प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। साथ ही दक्षिण कमान की 22 यूनिटों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिण कमान प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जाएगा। अलंकरण समारोह में बड़ी संख्या में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, प्रतिष्ठित नागरिक, गणमान्य व्यक्ति और अन्य मेहमानों के उपस्थित होने की सम्भावना है।

सैन्य क्षेत्र में वीर जवानों के सम्मान की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है।

सैन्य क्षेत्र में वीर जवानों के सम्मान की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है।

भारतीय सेना का एक शानदार इतिहास रहा है, जिसने स्वतंत्रता के बाद से चार बड़े युद्ध के अलावा 1999 में करगिल संघर्ष भी शामिल है। जम्मू कश्मीर व उत्तर पूर्व के राज्यों में कई आतंकी संगठनो से लोहा लेने के लिए भी भारतीय सेना को तैनात किया गया है। वर्षों से भारतीय सेना के सैनिकों ने अनेक चुनौतियों के बावजूद खुद को सदैव जोश के साथ संचालित किया है। चाहे वह सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों पर हो, थार के रेगिस्तान या उत्तर पूर्व के घने जंगल। विश्व शांति का समर्थन करने के लिए विदेशी धरती पर संयुक्त राष्ट्र मिशन के हिस्से के रूप में भारतीय सेना के प्रतियोगियों का योगदान भी अद्वितीय है। विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ राहत और कोविड-19 महामारी के दौरान सेना भी नागरिक प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से शामिल रही है।

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