सेना में हर साल 60 हजार से ज्यादा भर्ती: पूर्व सैनिक लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रिग्रेडियर करतार सिंह यादव ने कहा मैं लिखकर दे सकता हूं सेना भर्ती में कोई रिश्वत नहीं चलती


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अलवर23 मिनट पहले

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सेवानिवृत ब्रिगेडियर करतार सिंह यादव।

भारत-पाक सीमा पर तीन साल कमाण्ड ऑफिसर रहे और पूर्व सैनिक लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रिगेडियर करतार सिंह यादव रविवार को अलवर आए। यहां उन्होंने भास्कर से बातचीत में बताया कि भारतीय सेना में हर साल 60 हजार से अधिक सैनिक सेवानिवृत होते हैं और इससे अधिक नए जवान भर्ती होते हैं। भारतीय सेना में चयन के लिए फिटेस्ट की योग्यता है। मतलब उन युवाओं का चयन किया जाता है जो सबसे अधिक फिट होते हैं। तभी तो दौड़ से लेकर लिखित परीक्षा तक प्रतिस्पर्द्धा बढ़ी है। सेना में जाने के लिए एक युवक का फिजिकल फिट व मैंटली अलर्ट होने के साथ सेना की भावना होना जरूरी है। असल में अप्रेल माह में अलवर में सेना भर्ती है। जिसकी तैयारी में हजारों युवा जुटे हुए हैं। भर्ती से पहले युवाओं के विश्वास को बढ़ाने में ब्रिगेडियर की बताई बातें ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
कोई पैसा नहीं चलता सेना में
उन्होंने कहा कि सेना भर्ती के दौरान किसी दलाल के झांसे में नहीं आएं। तय मानिए आज के दिन भी सेना में कोई रिश्वत नहीं चलती है। कुछ गैंग गुमराह करती हैं। मैं लिखकर दे सकता हूं कि सेना में कोई रिश्वत काम नहीं करती है। सेना में कोई धांधलेबाजी नहीं होती है। जो फिट होता है। वही भर्ती होता है। मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसी गैंग या दलाल के चक्कर में नहीं आना चाहिए। ऐसा मैं विश्वास के साह कह सकता हूं। मैंने 30 साल सेना में बतौर अधिकारी नौकरी की है। मेरे परिवार में अनेक सैनिक हैं। अब भी मैं लीग का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं।

दो बार दौड़ का अभ्यास
ब्रिगेडियर ने कहा कि युवाओं को दौड़ का अभ्यास दिन में दो बार करना चाहिए। हाथ में घड़ी के आधार पर क्वालिफाई टाइम को ध्यान में रखकर अभ्यास करने की जरूरत है। ये सवाईवल ऑफ फिटेस्ट की दौड़ है। जिसके लिए अभ्यास होना जरूरी है।

डिफेंस एकेडमी से कोचिंग लेना बुरी बात नहीं
ब्रिगेडियर करतार सिंह ने कहा कि अलवर में भी डिफेंस एकेडमी की भरमार हो गई है। लेकिन, डिफेंस में भर्ती होने के लिए कोचिंग लेना बुरी बात नहीं है। लेकिन, कोचिंग संचालक की सोच सैनिक जैसी होने की जरूरत है। तभी वहां अभ्यर्थियों को लाभ मिल सकेगा।
अभ्यास लगतार जारी रखें
उन्होंने कहा कि एक बार सेना में भर्ती होने से वंचित रहने के बाद ही अगली भर्ती के लिए अभ्यास शुरू कर देना चाहिए। यदि सेना में जाने की उम्र पूरी हो गई तो दूसरी नौकरी का अभ्यास करना चाहिए। पैरामिलिट्री फोर्सेज में जा सकते हैं। नहीं तो सिविल सेवा की तैयारी कर सकते हैं। इसमें कोई निराश होने वाली बात नहीं है।

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