शहीद की अंतिम विदाई: नरेश कुमार की राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि, 4 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; सड़क हादसे में गई थी जान


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झुंझुनूं22 मिनट पहले

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नायब सूबेदार नरेश कुमार शर्मा की राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि की गई।

झुंझुनूं मणकसास के नायब सूबेदार नरेश कुमार शर्मा की शुक्रवार को राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि हुई। पार्थिव देह शुक्रवार को गांव पहुंची तो हजाराें लाेगाें की आंखें नम हो गईं। लाेगाें ने लाड़ले काे देशभक्ति के नाराें के बीच अंतिम विदाई दी। चार वर्षीय बेटे मयंक ने पिता को मुखाग्नि दी।

इससे पहले उदयपुरवाटी में सेना के ट्रक को फूल मालाओं से सजाकर शहीद के पार्थिव देह को डीजे तिरंगा यात्रा के साथ गांव लाया गया। हजारों युवाओं ने हाथाें में तिरंगा लिए बाइक पर सवार होकर भारत माता की जय, नायब सूबेदार नरेश शर्मा अमर रहे के नारे लगाते हुए डीजे के साथ गिरावड़ी, छापोली, मंडावरा, ताल, जहाज होते हुए मणकसास में पहुंचे।

शहीद की पार्थिव देह जब उनके घर के सामने पहुंची तो लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाओं ने उन्हें संभाला। पार्थिवदेह के साथ आए सेना के जवानाें ने शहीद माता और उनकी वीरांगना को शहीद के अंतिम दर्शन कराए।

सेना के जवानों ने शहीद नरेश कुमार शर्मा के अंतिम दर्शन कराने लगे तो शहीद की पत्नी निशा बेसुध हो गई। गांव में शहीद नरेश शर्मा को नमन करने के लिए मणकसास ही नहीं बल्कि आस-पास के गांवों के लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए।

सेना की 20 जाट की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पार्थिव देह के साथ आए सेना के नायब सूबेदार संजय कुमार वह जय सिंह शेखावत ने बताया कि नरेश कुमार की मंगलवार रात्रि को पंजाब के भठिंडा में बाइक फिसलने पर मौत हो गई थी।

(रिपोर्ट: मोहम्मद मुस्लिम)

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