शराब की ‘धन बंदी’: शराब की दुकान चलाने के लिए हर महीने चाहिए थी बंदी, ड्राइवर बने कांस्टेबल ने लिए 28 हजार रुपए, निरीक्षक भी गिरफ्तार


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बीकानेरएक घंटा पहले

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बीकानेर में आबकारी विभाग के निरीक्षक राणु सिंह और कांस्टेबल धनपत को गिरफ्तार किया गया है।

शराब की दुकान चलाने के लिए आबकारी विभाग के निरीक्षक से कांस्टेबल तक सब रिश्वत ले रहे थे। वह भी हर महीने के वेतन की तरह। रविवार को पुलिस ने इस मामले में एक कांस्टेबल को 28 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया। जबकि एक निरीक्षक भी इसी मामले में पकड़ा गया। मामला उच्चाधिकारियों से जुड़ा है और एक अन्य के खिलाफ अभी जांच चल रही है।

दरअसल, नापासर के रामसर गांव में शराब की दुकान चला रहे प्रेम प्रकाश से हर महीने सात हजार रुपए की बंदी तय हुई थी। पिछले चार महीने से प्रेम प्रकाश बंदी नहीं दे रहा था तो उसे परेशान करना शुरू कर दिया। इस पर उसने आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों से बात की। उससे साफ तौर पर कहा गया कि दुकान चलानी है तो हर महीने सात हजार रुपए देने होंगे। पिछले चार महीने के 28 हजार रुपए का भुगतान तुरंत दो।

परेशान प्रेमप्रकाश ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से इसकी शिकायत की। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया और निरीक्षक आनन्द कुमार ने मामले की तफ्तीश में शिकायत को सही पाया। इसमें रविवार को ही 28 हजार रुपए देना तय हुआ। आबकारी विभाग के कांस्टेबल धनपत राम ने प्रेमप्रकाश से अनाज मंडी के पास ही 28 हजार रुपए लेकर आने की बात कही। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपना जाल बिछा लिया।

जैसे ही धनपत राम ने रुपए लिए, एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल के पास से 28 हजार रुपए भी बरामद कर लिए। जिस पर पहले से ही रंग लगा दिए गए थे। इसके बाद कांस्टेबल की निरीक्षक राणु सिंह से बातचीत करवाई गई। बातचीत में साफ हो गया कि रिश्वतखोरी में वह भी शामिल है। इसके बाद एसीबी ने राणु सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

रिश्वतखोरी का नेटवर्क
रिश्वत लेने का यह मामला कांस्टेबल और निरीक्षक तक ही नहीं सिमटा हुआ नहीं है। इस नेटवर्क के तार इससे भी ऊपर जा रहे हैं। इस मामले में कई आला अधिकारियों की शिकायत की गई है। जांच के दौरान इन लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया ने बताया कि फिलहाल दो की गिरफ्तारी है, अगर कोई अन्य का नाम आता है और पुष्टि होती है तो गिरफ्तारी की जायेगी।

हर दुकान से होती है वसूली?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सामने यह एकमात्र शिकायत आई है लेकिन हकीकत में कई दुकानों से इसी तरह वसूली की जाती है। न सिर्फ आबकारी बल्कि अन्य विभागों के अधिकारी व प्रभावशाली कर्मचारी शराब की दुकानों पर दबाव बनाकर उनसे मासिक वसूली करते हैं। दुकान संचालक इस मामले में ब्यूरो को सीधी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

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