वुमन सेफ्टी की संपूर्ण गाइड: इन 7 प्लेटफॉर्म्स पर जाकर महिलाएं कुछ ही मिनटों में पा सकती हैं हर तरह की मदद



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जयपुर3 मिनट पहले

महिला सुरक्षा को लेकर कानून की लंबी चौड़ी लिस्ट है। बावजूद इसके महिला अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि महिला अपराधों के बढ़ने की एक बड़ी वजह महिलाओं की चुप्पी है। वह जुल्म सहती हैं, फिर भी चुप रहती हैं। इसलिए, जुल्म सहे नहीं, बोलिए। इस खबर में हम यही बता रहे हैं कि अपराध के खिलाफ आप कहां-कहां और किस तरह से शिकायत कर सकती हैं। आप भी पढ़िए और अपनों के साथ शेयर भी कीजिए…

  • गरिमा हेल्पलाइन 1090 पर करें शिकायत: राजस्थान में अपराध के खिलाफ महिलाएं गरिमा हेल्पलाइन 1090 पर शिकायत कर सकती हैं। इसमें पूरे प्रदेश में कहीं भी-कभी भी मुसीबत में होने पर कॉल कर पुलिस की मदद हासिल की जा सकती है। यह 24 घंटे चालू रहती हैं। शिकायत पर तुरंत रिस्पांस करने के लिए महिला पुलिसकर्मी रहती हैं।
  • व्हाट्सएप पर भी कर सकती हैं कम्प्लेन: महिलाएं व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 8764868200 और 7300363636 पर भी शिकायत कर सकती हैं। व्हाट्सएप पर मिलने वाली शिकायत को तुरंत महिला पुलिसकर्मी संबंधित पुलिस थाने या चेतक को सूचना देती हैं। शिकायत पर पुलिस थाने ने क्या एक्शन लिया। थाना प्रभारी को इसकी रिपोर्ट भी देनी होती है।
  • इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100 और 112 पर भी शिकायत कर सकती हैं। बात गरिमा हेल्पलाइन की करें तो साल 2009 में इस नंबर के जारी होने के बाद 2019 तक कुल 19662 शिकायतें मिल चुकी हैं। वर्ष 2020 में करीब 4000 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसी तरह महिला गरिमा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबरों पर साल 2015 से 2019 तक कुल 387 शिकायतें मिलीं। वहीं, पिछले वर्ष 2020 में लगभग 150 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
  • शिकायत के लिए थाने जाना जरूरी नहीं, पहचान गोपनीय रहेगी: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डीसीपी सुनीता मीणा ने बताया कि महिलाओं को अपराध या शोषण की शिकायत कराने के लिए किसी भी थाने जाने की जरूरत नहीं। वे गरिमा हेल्पलाइन, व्हाट्सएप पर शिकायत कर सकती हैं। इन्हें महिला पुलिस अधिकारी ही सुनती हैं। महिलाओं की पहचान भी गोपनीय रखी जाती है।
  • जांच अधिकारी मदद नहीं करें, तब भी करें शिकायत: महिलाओं की तरफ से पुलिस थाने में दर्ज शिकायतों पर अनुसंधान अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहा है तो इसकी शिकायत भी गरिमा हेल्पलाइन पर कर सकती हैं। इन हेल्पलाइन में महिलाएं गलत फोन कॉल्स, स्कूल-कॉलेज, महिला हॉस्टल, कार्यस्थल इत्यादि जगहों पर छेड़छाड़ संबंधी शिकायत कर सकती हैं।
  • राज महिला सुरक्षा मोबाइल एप: राज महिला सुरक्षा मोबाइल एप जयपुर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक कदम है। इसे वसुंधरा सरकार में शुरू किया गया था। इसके जरिए किसी भी आपातकालीन स्थिति में महिला अपने परिवार, मित्र तथा पुलिस को सीधे अलर्ट कर सकती हैं। आपात स्थिति में इस एप के एक्टिवेट होते ही पुलिस संकटग्रस्त महिला से संबंधित सूचना इकट्‌ठा कर तत्काल मदद पहुंचा सकती है। इस एप में तीन बार बटन दबाकर एक्टिवेट करना होता है। यह इंटरनेट होने पर ही मदद करती है। इससे पुलिस कंट्रोल रूम से भी सीधा संपर्क किया जा सकता है।
  • महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर: 1 जनवरी 2020 से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया है। 7 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रोजाना दो घंटे चलता है। यह नि:शुल्क है। यह प्रशिक्षण महिला पुलिस ट्रेनर्स द्वारा दिया जाता है। इसमें 13 साल से ज्यादा की बालिका और महिला शामिल हो सकती हैं। इसके लिए जयपुर शहर पुलिस लाइन में रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है। वहीं, पुलिस के मास्टर ट्रेनर्स स्कूल कॉलेजों व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी यह प्रशिक्षण दे रही हैं। इसके लिए महिला गरिमा हेल्पलाइन और पुलिस कंट्रोल रूम से भी संपर्क साधा जा सकता है।

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