विधानसभा में मेवाड़: मावली विधायक ने रखा हाईकाेर्ट बैंच की स्थापना का मुद्दा; सरकार बोली- अभी काेई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं


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उदयपुर28 मिनट पहले

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  • उदयपुर ग्रामीण विधायक बोले- नीलगायें फसलें बर्बाद कर रही

विधानसभा के बजट सत्र में मेवाड़ के विधायकाें ने शुक्रवार काे विभिन्न मुद्दाें औ समस्याओं की तरफ राज्य सरकार का ध्यान दिलाया। जलदाय विभाग से जुड़ी अनुदान मांगाें पर चर्चा में विधायकाें ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े मामले भी उठाए। मावली विधायक धर्मनारायण जाेशी ने लिखित सवाल के माध्यम से उदयपुर में हाईकाेर्ट बैंच की स्थापना का मामला उठाया।

विधि एवं विधिक कार्य मंत्री ने लिखित में जानकारी दी कि उदयपुर में हाईकाेर्ट बैंच की स्थापना का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने नीलगाय (रोजड़ों) और जंगली सुअराें के कारण फसलाें काे हाे रहे नुकसान का मामला उठाया। मीणा ने कहा कि किसान और जनप्रतिनिधि कई बार प्रशासन काे लिखित में समस्या बता चुके हैं। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

सरकार कांटेदार तारबंदी लगवाकर फसलों को बचाने में किसानों की मदद करे। वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नाेई ने जानकारी दी कि जंगली जानवराें से फसल काे नुकसान की काेई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कृषि विभाग से प्राप्त सूचना अनुसार प्रदेश में किसानों की फसलों को नीलगाय (रोजडों)और पशुओं से बचाने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तिलहन (एनएफएसएम ऑयल सीड्स) अंतर्गत सभी श्रेणी के कृषकों को लक्षित कर सामुदायिक आधार पर कांटेदार चैन लिंक तारबंदी का प्रावधान है।

इसमें कृषकों को लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए जो भी कम हो प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर तक अनुदान दिया जाता है। मावली विधायक धर्मनारायण जाेशी ने प्रदेश में गौ संरक्षण अधिभार से प्राप्त राशि से जुड़ा सवाल उठाया। झाड़ाेल विधायक बाबूलाल खराड़ी ने झाड़ोल और काेटड़ा के सरकारी काॅलेज में व्याख्याताअाें के रिक्त पद की तरफ सरकार ध्यान दिलाया।

हाईकाेर्ट बैंच खाेलना अकेले राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में नहीं : विधि कार्य मंत्री
विधि एवं विधिक कार्य मंत्री ने उदयपुर में हाईकाेर्ट बैंच की स्थापना के मुद्दे पर विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि बेंच स्थापित करना अकेले राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार का विषय नहीं है। द स्टेट रिआर्गनाइजेशन एक्ट, 1956 की धारा 51 के अनुसार हाईकाेर्ट बैंच की स्थापना राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल और हाईकाेर्ट के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से की जाती है। उदयपुर में हाईकाेर्ट बैंच की स्थापना के लिए हाईकाेर्ट से परामर्श या प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रकरण राज्य सरकार द्वारा राज्यपाल काे अनुमोदन के लिए प्रस्‍तुत किया जाएगा।

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