वाटर मैनेजमेंट: 21 मार्च से शुरू होगा 70 दिन का क्लोजर, 8 मार्च से इंदिरा गांधी मुख्य नहर से मिलेगा सिर्फ पीने का पानी


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जोधपुरएक घंटा पहले

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इंदिरा गांधी मुख्य नहर में मरम्मत व लाइनिंग कार्य करने से 21 मार्च से 70 दिन का क्लोजर शुरू होगा। वहीं 8 मार्च से नहर में पंजाब व गंगानगर के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिलेगा, लेकिन जोधपुर की राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल को 21 मार्च तक पानी मिलेगा।

इसके बाद जोधपुर शहर के अलावा जिले के 1440 गांवों और बाड़मेर जिले के 180 गांवों को पानी पिलानी वाली इस नहर में क्लोजर शुरू हो जाएगा। बैठक में मुख्य अभियंता आईजीएनपी विनोद चौधरी, डब्ल्यूआरडी जयपुर के ए. सिंह, पीएचईडी के एसई सिटी नक्षत्र सिंह, भंवराराम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुनील के पंवार आदि मौजूद थे।

कलेक्टर बोले- पानी खर्च करने में कटौती कर शहरवासी करें सहयोग
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 70 दिन की नहरबंदी के दौरान जल प्रबंधन के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ आमजन का सहयोग जरूरी है ताकि गर्मी की सीजन में होने वाले क्लोजर में पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि नहरबंदी के कारण कुछ समय के लिए निर्धारित मात्रा में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण 35 से 40 प्रतिशत पानी की छीजत हो रही है, जिससे अंतिम छोर तक सुचारू आपूर्ति में दिक्कतें आती हैं। ऐसे में नहरबंदी कर जीर्णोद्धार कार्य करवाना जरूरी है।

बूस्टर का उपयोग नहीं करें

  • जितना जरूरत हो उतना की पानी घरेलू उपयोग के लिए काम में लें।
  • वाटर सप्लाई के समय फालतू बहने वाले पानी को बहने से रोकें।
  • गार्डनिंग में घरों में लगने वाले पोंछे या साफ-सफाई का पानी उपयोग में लें।
  • गाड़ियों और घरों की दीवारों की धुलाई से बचें।

डिग्गियों को भरने का काम चल रहा
मुख्य अभियंता पीएचईडी नीरज माथुर ने बताया कि क्लोजर को देखते हुए सुरपुरा डिग्गी को 41 एमसीएफटी की मांग के विरुद्ध 33.79 एमसीएफटी भरा गया है। इसे नहरबंदी से पूर्व भर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त परियोजनाओं से जुड़े गांवों के लिए भी डिग्गियों में भंडारण किया जा रहा है।

किसान की फसलें रहेगी पकने की कगार पर
8 से 21 मार्च तक नहर से लिफ्ट कैनाल को पीने के लिए पानी मिलेगा, लेकिन इस अवधि में किसानों की फसलें पकने के लिए पीक पर होती हैं। ऐसी स्थिति में हमारा पानी चोरी होने की संभावना हो सकती है और प्रशासन को भी इस समयावधि में अलर्ट रहने की जरूरत होगी।

ये रहेगा वाटर मैनेजमेंट
21 मार्च से नहर में क्लोजर शुरू होगा। शुरुआत के 40 दिन 200 क्यूसेक पानी पीने के लिए मिलेगा। उस अवधि में किसानों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं होगी, तो हमारे पानी के चोरी होने की संभावनाएं कम रहेंगी। ऐसे में नहर में 20 दिन स्टोर पानी रहेगा, उससे काम चलेगा।

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