लॉकडाउन लगवाकर मानेंगे: अलवर जिले में फास्ट फूड की दुकान हो या खेल मैदान, देखकर लगता है कोरोना महामारी को फिर से पूरा मौका दे रहे लोग


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अलवर11 मिनट पहले

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ये सोमवार देर शाम को एसएमडी सर्किल के पास फास्टफूड की दुकान का हाल है। बिना मास्क के भीड़।

काेराेना संक्रमण फिर से तेजी से चपेट में लेने लगा है। फिर भी हम बेपरवाह हैं। तभी तो अलवर शहर हो या गांव। कहीं भी गाइडलाइन का पालन होता नजर नहीं आ रहा। सबने गाइडलाइन की पालना नहीं की तो हालात बेकाबू होने पर लॉकडाउन लगाना ही एकमात्र विकल्प होगा।

पहली तस्वीर: जो डरा रही
यह अलवर शहर के एसएमडी सर्किल व राजिर्ष कॉलेज सर्किल के बीच की तस्वीर है। इस पूरे रोड पर शाम होते ही फास्ट फूड की दुकानें लग जाती हैं। यहां देर शाम तक इतनी भीड़ रहती है कि कोरोना संक्रमण को भूल जाते हैं। कुछ दुकानों पर इतना बुरा हाल रहता है कि फास्ट फूड लेते व खाते समय सब सावधानी भूल जाते हैं। न दो गज दूरी न मास्क। जबकि खाने की स्टॉल पर ज्यादा सावधानी की जरूरत है। असल में यहां प्लेट, चम्मच सहित कई अन्य तरह की सामग्री बार-बार उपयोग में ली जाती है। वही स्टूल व मेज काम लेते हैं।

दूसरी तस्वीर : राज ऋर्षि कॉलेज खेल मैदान
यह शहर में राज ऋर्षि कॉलेज खेल मैदान है। यहां सुबह-शाम कई हजार युवा दौड़ का अभ्यास करने आते हैं। आते-जाते समय भी किसी के चेहरे पर मास्क नहीं होता है। अभ्यास के बाद ये युवक शहर से निकलते हैं। उस समय भी मास्क काम नहीं लेते हैं। जबकि 500-500 युवाओं के झुण्ड दौड़ते हैं। समूह के रूप में घूमते हैं।

ये राजर्षि कॉलेज का खेल मैदान है। जहां रोजाना इतनी भीड़ रहती है। कोई मास्क नहीं।

ये राजर्षि कॉलेज का खेल मैदान है। जहां रोजाना इतनी भीड़ रहती है। कोई मास्क नहीं।

चिकित्सक चेता रहे संक्रमण फैल रहा
चिकित्सक चेता रहे हैं कि संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बिना लक्षण वाले मरीज भी दूसरों में संक्रमण फैलाते हैं। इसके बावजूद भी खेल मैदानों पर युवाओं के झुण्ड रहते हैं और गाइडलाइन की कतई पालना नहीं करते हैं। इन युवाओं के जरिए दूसरों में संक्रमण का डर रहता है।

गांव-बाजारों में यही हाल
अलवर शहर में भी पहले जितना मास्क का उपयोग नहीं हो रहा। गांवों में तो मास्क लगाना ही भूल गए हैं। यही वजह है कि सरकार ने कई जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाना पड़ा है। अलवर में भी रात्रि को 10 बजे बाद बाजार खोलने की अनुमति नहीं है। बिना मास्क मिलने पर 500 रुपए जुर्माना लगाने की सख्ती की गई है। अब भी नहीं माने तो आगे यह सख्ती बढ़ती जाएगी। इधर, अस्पतालों में वापस कोरोना मरीजों को भर्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है। आइसीयू वार्ड पहले की तरह बनाए जाने लगे हैं।

एक नजर अलवर के संक्रमण पर
कोरोना के एक्टिव केस – 96
कुल संक्रमित – करीब 26 हजार
अब तक मृत्यु – 78
औसत मृत्यु दर – 18
पहले मृत्युदर – करीब 1 प्रतिशत

नोट: ये सरकारी आंकड़े हैं। संक्रमितों की संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।

अक्टूबर-नवम्बर माह में सवार्धिक मरीज
अलवर जिले में अक्टूबर-नवम्बर 2020 में सबसे अधिक कोरोना मरीज रहे हैं। उस समय 14 प्रतिशत तक कोरोना पॉजिटिव आते थे। हालांकि अभी कोरोना संक्रमण की स्पीड पिछले साल अक्टूबर व नवम्बर माह से काफी कम है। लेकिन, पिछले 10 दिनों से कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है। जिसके कारण सरकार व प्रशासन का मानना है कि यह संक्रमण की दूसरी लहर हो सकती है। संक्रमण को फैलने से रोकने की जरूरत है।

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