राशि परिवर्तन: सिंह पर सवार होकर आएगी मकर संक्रांति; महापुण्य काल एक घंटे 48 मिनट, पांच ग्रहों का विशेष योग भी


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भीलवाड़ा21 दिन पहले

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  • सुबह 8:13 मिनट पर सूर्यदेव पुत्र शनि की मकर राशि में करेंगे प्रवेश, दान का मिलेगा फल

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का पर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इस बार संक्रांति का वाहन सिंह, जबकि उपवाहन गज (हाथी) होगा, जो पराक्रम और समृद्धि का परिचायक है। संक्रांति का पुण्यकाल सूर्योदय से पूरे दिन सूर्यास्त तक रहेगा।

महापुण्य काल एक घंटे 48 मिनट रहेगा। इस साल पौष के महीने में गुरुवार के दिन सूर्य मकर राशि में जब प्रवेश करेंगे, तब पांच ग्रहों का एक विशेष योग बनेगा। 14 जनवरी को सुबह 8 बजकर 13 मिनट पर सूर्यदेवता अपने पुत्र शनि की मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

धनुर्मास के समापन के साथ होगी शुभ कार्यों की शुरुआत : एक ओर सूर्य देवता की उपासना होगी, वहीं तिल-गुड़ से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया जाएगा। रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान रंगीन होगा। एक महीने 15 दिसंबर से चल रहे धनुर्मास की समाप्ति भी होगी। इसी दिन से समस्त शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। ये दिन हिंदू धर्मावलंबियों के लिए बेहद खास माना जाता है। इसी दिन से सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ होती है। मान्यताओं के अनुसार सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर जाते हैं। सूर्य व शनि का मिलाप मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान व तीर्थ स्थलों पर स्नान दान का विशेष महत्व माना गया है।

महापुण्य काल सुबह 8.30 से 10.18 बजे तक
ज्याेतिषाचार्य पंडित अशोक शर्मा के अनुसार सूर्य के राशि परिवर्तन करने से मकर संक्रांति का पुण्य काल वैसे तो सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिनभर रहेगा, लेकिन पर्व का महापुण्य काल सुबह 8.30 से 10.18 बजे तक रहेगा। इस समय में दान-पुण्य करने का विशेष फल प्राप्त होगा। नक्षत्र नाम महोदरी होने से असामाजिक तत्वों की वारदातें बढ़ सकती हैं, लेकिन विद्वान लोगों के लिए, वैज्ञानिकों के लिए संक्रांति अच्छी रहेगी।

भगवान सूर्य को तीन बार जल अर्पित करें
यह संक्रांति देव जाति की है। शरीर पर कस्तूरी का लेप और सफेद रंग के वस्त्र पुन्नापुष्प की माला एवं हाथ में भुशुंडि शस्त्र धारण कर सोने के बर्तन में भोजन करती हुई बैठी हुई है।

राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में बदलाव के संकेत
ज्योतिष में सूर्य के राशि प्रवेश के समय बनाने वाली संक्रांति कुंडली से आने वाले 30 दिनों के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवेश के विषय में फलकथन किया जाता है। सूर्य एक साल में 12 राशियों में भम्रण करते हैं। इस बार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश संक्रांति के समय सूर्य सहित चंद्रमा, बुध, गुरु और शनि पांच ग्रही योग बन रहा है। यह युति बड़े राजनीतिक और सामाजिक बदलाव लाने का ज्योतिषीय संकेत भी दे रहा है।

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