राज्यसभा में गूंजा फोन टैपिंग का मुद्दा: भाजपा सांसद भूपेंद यादव ने राज्यसभा में उठाया फोन टैपिंग का मुद्दा, यादव के आरोपों पर राज्यसभा में हंगामा


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जयपुरकुछ ही क्षण पहले

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भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव ने राज्यसभा में मामला उठाते हुए राजस्थान सरकार पर फाेन टैपिंग के आरोप लगाए, इस पर हंगामा हुआ

  • भूपेंद्र यादव ने कहा, राजस्थान में असंतुष्ट विधायकों, विपक्षी नेताओं और आम नागिरकों के फोन टैप करवाना गंभीर

फोन टैपिंग पर राजस्थान सरकार के विधानसभा में कबूलनाम के बाद अब विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा और लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में भी फोन टैपिंग विवाद की गूंज सुनाई दी। राज्यसभा में सांसद भूपेंद्र सिंह यादव ने राजस्थान के फोन टेपिंग का मामला उठाते हुए राजस्थन सरकार और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। भूपेंद्र यादव के आरापों पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई, इस पर कुछ देर के राज्यसभा में हंगामा हुआ।

इससे पहले भूपेंद्र यादव ने फोन टैपिंग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत के संविधान का आर्टिकल 21 सबको जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार देता है। इंडियन टेलीग्राफ एक्ट में साफ प्रावधान है कि बिना अनुमति किसी का भी फोन टैप नहीं किया जा सकता। यादव ने राजस्थान सरकार पर बिना अनुमति असंतुष्ट विधायकों, विपक्षी विधायकों और नागरिकों के फोन टैप करने के आरोप लगाए, मुख्यमंत्री के आरेएसडी पर भी आरोप लगाए। यादव के आरोपों पर हंगामा हुआ, इस पर सभापति ने किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि इन्होंने केवल फैक्ट रखे हैं, किसी सरकार या पार्टी पर आरासेप हैं तो वे रिकॉर्ड पर नहीं जाएंगे। भूपेंद्र यादव ने कहा कि राजस्थान में नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

फोन टैपिंग विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक कालीचरण सराफ के अगस्त में पूछे गए सवाल के विधानसभा की वेबसाइट पर दिए गए जवाब से हुई जिसमें सरकार ने माना कि सक्षम अधिकारी से मंजूरी के बाद फोन टैप किए गए। हालांकि इस जवाब में जनप्रतिनिधियों के फोन टैप का उल्लेख नहीं था। भाजपा ने विधानसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया था। एक दिन सदन में हुए हंगामे के बाद इस पर विधानसभा में चर्चा हुई। विधानसभा के साथ लोकसयभा में भी यह मुद्दा उठ चुका है। भाजपा फोन टैपिंग मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं।विधानसभा में फोन टैपिंग पर हुई बहस में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा था किसी जनप्रतिनिधि का फोन टैप नहीं हुआ। धारीवाल ने यह माना था कि मुख्यमंत्री के ओएसडी ने आॅडियो क्लिप वाट्सएप ग्रुप पर भेजी थी जो गलत नहीं था।

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