राजस्थान में अपराध का ग्राफ: एक साल मेंं महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के 80 हजार मामले, 12 हजार मामले तो सिर्फ रेप और गैंगरेप के


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

जयपुरएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. सतीश पूनिया।

  • भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा को लिखा पत्र
  • जालौर, हनुमानगढ़, कोटा, अलवर, अजमेर, टोंक, नागौर, जयपुर एवं झालावाड़ की घटनाओं का किया जिक्र

पिछले 2 वर्षों में राजस्थान में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। एक आंकड़े के अनुसार पिछले एक वर्ष में महिलाओं पर अत्याचार के 80 हजार मुकदमे प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हुए हैं। इनमें 12 हजार से ज्यादा मुकदमे तो सिर्फ रेप और गैंगरेप के हैं।

इस संबंध में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा को पत्र लिखा है। डाॅ. पूनियां ने पत्र में लिखा, पिछले एक माह से तो महिलाओं-बच्चियों पर अत्याचार की घटना तेजी से बढ़ी हैं। इनमें से कुछ घटनाओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा कि 23 फरवरी को जालौर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बेटी का अपहरण हुआ, लेकिन 8 दिन तक कार्रवाई नहीं हुई। मां ने मजबूर होकर आत्मदाह कर लिया।

  • 5 मार्च को हनुमानगढ़ में बेल पर रिहा हुए बलात्कार के आरोपी ने पीड़िता को जिन्दा जला दिया।
  • 6 मार्च को कोटा में महिला के साथ गैंग रेप।
  • 7 मार्च को अलवर जिले के खेड़ली थाने में रिपोर्ट लिखवाने आई पीड़िता के साथ थाने में ही ए.एस.आई. ने बलात्कार किया।
  • 8 मार्च को अजमेर में महिला के साथ बलात्कार।
  • 9 मार्च को टोंक में माँ-बेटी को निर्वस्त्र कर पीटा।
  • 13 मार्च को नागौर में शिक्षिका का अपहरण कर गैंगरेप का प्रयास से युवती घायल।
  • 14 मार्च को जयपुर में डीसीपी के दफ्तर में ए.सी.पी. ने पीड़िता के साथ ही बलात्कार की कोशिश की।
  • 15 मार्च को कोटा की 15 साल की बच्ची से झालावाड़ में 9 दिन तक 18 से ज्यादा दरिंदों ने गैंगरेप किया।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के जो हालात हैं उसमें न तो अपराधियों को अधिकारियों का कोई भय है और न ही अधिकारियों पर सरकार का कोई अंकुश है। इसके अलावा भी प्रतिदिन घट रही घटनाओं को रोकने में प्रदेश सरकार की नाकामी से प्रदेश में भय का माहौल है, कानून व्यवस्था को सुधारने को लेकर सरकार की कोई गम्भीर कोशिश नहीं है। डाॅ. पूनियां ने राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष से आग्रह करते हुए कहा कि कृपया उपरोक्त गम्भीर विषय में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करवाने का श्रम करें।

यह किया ट्वीट

डाॅ. पूनियां ने ट्वीट कर महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट में प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद 2019 में जो महिला अपराध की बेतहाशा वृद्धि हुई थी, अब उसकी हद हो गई है। इस सरकार के अब तक के कार्यकाल में 6 लाख 14 हजार से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें महिला अपराधों की संख्या सबसे अधिक है। राजस्थान का कोई क्षेत्र नहीं बचा, जहाँ नित्य किसी गम्भीर महिला अपराध की खबर न आती हो। अब समय आ गया है, जब इस अकर्मण्य गहलोत सरकार को उखाड़ फेंके।

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *