राजस्थान के कई शहरों में गहरा सकता है जलसंकट: 22 मार्च से बीकानेर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति, इस बार 85 दिन तक इंदिरा गांधी नहर में पानी नहीं आएगा


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बीकानेर18 मिनट पहले

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इंदिरा गांधी नहर, जिससे बीकानेर सहित कई जिलों में पेयजल की आपूर्ति होती है।

बीकानेर। इंदिरा गांधी नहर की प्रस्तावित नहर बंदी के कारण बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई शहरों में पेयजल संकट खड़ा होने वाला है। दरअसल, सात मार्च से 31 मई तक इंदिरा गांधी नहर में पानी नहीं आयेगा। ऐसे में इन शहरों में दो दिन में एक बार पानी की आपूर्ति हो सकेगी, जबकि फिलहाल हर रोज एक बार पेयजल आपूर्ति हो रही है। बीकानेर के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर के कुछ हिस्सों में पेयजल संकट खड़ा होना तय है।

बीकानेर में जलदाय विभाग ने नहर बंदी के कारण 22 मार्च से 31 मई तक पानी एक दिन के अंतराल से देने की घोषणा कर दी है। PHEd के अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल ने बताया कि प्रस्तावित नहर बंदी के दौरान 22 मार्च से 31 मई तक जिले के विभिन्न ग्रामीण और बीकानेर शहर की जल परियोजनाओं के उपभोक्ताओं को 1 दिन के अंतराल से पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। नहर बंदी के दौरान पहले 50 दिन नहरों में पानी का प्रवाह बेहद कम रहेगा, जबकि शेष दिनों में पानी की आपूर्ति नहरों द्वारा नहीं होगी। इस दौरान विभिन्न जल परियोजनाओं पर उपलब्ध पानी से ही पेयजल वितरण किया जाएगा।

पांच जून से सुधरेगी जलापूर्ति

जलदाय विभाग ने भले ही 31 मई के बाद जलापूर्ति सुधरने का आश्वासन दिया है, जबकि हकीकत यह है कि पांच जून तक ही बीकानेर में पानी आ सकेगा। अगर 31 मई तक नहर बंदी है तो पानी छूटने के बाद भी यहां तक आने में पांच दिन लग जाते हैं।

बीकानेर में वैकल्पिक संसाधन

इंदिरा गांधी नहर परियोजना से आने वाले पानी को बीकानेर के बीछवाल और शोभासर में बनी जलाशय में स्टोर किया जाता है। यह पूरी क्षमता के साथ भरे रहें तो 24 दिन नियमित रूप से पानी दिया जा सकता है। ऐसे में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी देने से यह क्षमता बढ़कर 48 दिन हो जाती है। इस बीच एक बार जलाशय में नहर से पानी छोड़ा जायेगा। जिससे कुछ दिन अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति हो सकती है। फिर भी 84 दिन तक पानी दे पाना मुश्किल होता है। ऐसे में जलदाय विभाग नियमित रूप से दिए जाने वाले जल में ही कटौती कर देता है।

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