योजना: टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल के आधार पर हाईवे की बिक्री करके 1 लाख करोड़ रुपए जुटाएगी NHAI: गडकरी


  • Hindi News
  • Business
  • NHAI To Raise Rs 1 Lakh Cr Through Asset Monetisation On TOT Model In 5 Years: Gadkari

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली16 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि तकनीक और निवेश लाने वाले निवेशकों के लिए रेड कार्पेट पूरी तरह से तैयार है।

  • केंद्रीय मंत्री ने कहा- अगले पांच साल में जुटाई जाएगी यह राशि
  • GPS के जरिए दूरी के आधार पर टोल टैक्स वसूलने की भी योजना

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) अगले पांच साल में 1 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। यह फंड हाईवे असेट्स की टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) मॉडल के आधार पर बिक्री के जरिए जुटाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

केंद्रीय सड़क परिवहन, हाईवे और MSME मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की प्रक्रिया में भी बदलाव पर विचार कर रही है। इसके तहत GPS के जरिए सटीक दूरी की गणना करके टोल कलेक्शन की योजना बनाई जा रही है। मौजूदा समय में टोल प्लाजा की दूरी के आधार पर टोल टैक्स की वसूली की जा रही है।

कई तरह से निवेश के प्रस्ताव मिले: केंद्रीय मंत्री

25वीं Wharton इंडिया इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NHAI का इरादा TOT प्लान के जरिए अगले पांच साल में 1 लाख करोड़ रुपए जुटाने का है। हमें बेहतर रेस्पॉन्स और निवेश के कई नए मॉडल मिले हैं। विदेशी निवेशकों के अलावा पेंशन फंड भी निवेश में रुचि दिखा रहे हैं। NHAI पब्लिक-फंडेड हाईवे प्रोजेक्ट्स को मॉनिटाइज करने के लिए अधिकृत है।

फास्टैग से टोल कलेक्शन बढ़ा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की प्रणाली लागू होने के बाद टोल रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में फास्टैग के जरिए 75% कलेक्शन मिल रहा है। यह अगले एक महीने में करीब 98% हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने मार्च में हर रोज 40 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य तय किया था।

NHAI को 60 हजार किलोमीटर हाईवे निर्माण का लक्ष्य दिया

उन्होंने आगे कहा कि NHAI को अगले 5 साल में 60 हजार किलोमीटर हाईवे निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 2500 किलोमीटर के एक्सप्रेस हाईवे, 9,000 किलोमीटर इकोनॉमिक कॉरिडोर, 2 हजार किलोमीटर के स्ट्रेटजिक बॉर्डर रोड और कोस्टल रोड का निर्माण शामिल है। इसके अलावा 100 टूरिस्ट डेस्टिनेशन और 45 टाउन हाईवे के जरिए जोड़े जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद हाईवे निर्माण का कार्य पूरी गति से हो रहा है।

निवेशकों का इंतजार कर रहा है रेड कार्पेट

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों का स्वागत करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि रेड कार्पेट उनका इंतजार कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिया कि विश्व के अन्य स्थानों के मुकाबले उन्हें भारत में ज्यादा रिटर्न मिलेगा। केंद्रीय मंत्रा ने कहा कि 35 मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क शुरू होने के इंतजार में हैं। जबकि वाहनों के लिए स्क्रेपिंग पॉलिसी फाइनल चरण में है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत जल्द ही वाहनों के लिए नंबर-1 मैन्युफैक्चरिंग हब बन जाएगा।

इसी साल पूरा हो जाएगा चार धाम प्रोजेक्ट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चार धाम प्रोजेक्ट इसी साल पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 12 हजार करोड़ रुपए है। इसके अलावा जोजिला के पास दावोस जैसा शहर बनाने की भी योजना है। नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत मंत्रालय ने 2,478 प्रोजेक्ट्स फाइनल किए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत 20.33 लाख करोड़ रुपए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय 22 ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रहा है। इसमें 1 लाख करोड़ रुपए की लागत वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भी शामिल है।

MSME सेक्टर में 5 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य

नितिन गडकरी ने कहा कि MSME सेक्टर में अगले 5 साल में 5 करोड़ नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, MSME एक्सपोर्ट को मौजूदा 48% से बढ़ाकर 60% तक बढ़ाने की योजना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीक और निवेश लाने वाले निवेशकों के लिए रेड कार्पेट पूरी तरह से तैयार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *