यूपीएससी लेटरल एंट्री: सीएसई परीक्षा दिए बिना भी बन सकते हैं प्रशासनिक अधिकारी


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जयपुरएक मिनट पहले

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हाल में राजस्थान सरकार ने बजट में लेटरल एंट्री के जरिए विशेषज्ञों को सरकारी सिस्टम में लेने की बात कही है। वर्तमान में यूपीएससी ने लेटरल एंट्री से संयुक्त सचिव के 3 व निदेशक के 27 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की है। सिविल सेवाओं में लेटरल एंट्री का अर्थ सरकारी सेवाओं में ऐसे लोगों के प्रवेश से है जिन्होंने लंबे समय तक निजी क्षेत्र, एनजीओ, राज्य सरकार के विभागों, पीएसयू आदि में काम किया हो।

ये उम्मीदवार हर साल होने वाली यूपीएससी की परीक्षाओं में भाग लिए बगैर ब्यूरोक्रेसी में शामिल होंगे। इसकी प्रक्रिया सामान्य से अलग है। इनकी नियुक्ति अनुबंध पर होगी। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि ऐसे लोग जिन्होंने किसी क्षेत्र विशेष में महारत हासिल की है उनके अनुभव का फायदा सरकारी सेवाओं को मिल सके। संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए न्यूनतम 15 वर्षों का अनुभव व निदेशक स्तर के पदों के लिए 10 वर्ष का अनुभव जरूरी है।

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