यह अभियान है खास: राम वनवास की तर्ज पर 2789 कार्यकर्ता करेंगे 14 दिन का प्रवास


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भरतपुर18 दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • इसलिए राम मंदिर समर्पण निधि अभियान में विश्व हिंदू परिषद ने बनाई विस्तारक योजना

विश्व हिंदू परिषद के लिए अयोध्या राम मंदिर समर्पण निधि अभियान खास है। इसे इतिहास का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान बनाने की योजना है। कोशिश हर गांव और हर परिवार तक पहुंचने की है। इसलिए विहिप ने मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर विस्तारक योजना बनाई है।

इसके लिए कार्यकर्ता भगवान श्रीराम के 14 साल के वनवास की तरह समाज परिवर्तन के लिए कम से कम 14 दिन का वनवास यानी घर-परिवार-कारोबार छोड़कर फुल टाइमर वर्कर की तरह काम करेंगे। इसकी कार्ययोजना बन चुकी है। अभियान दो चरणों में चलना है। पहला चरण 14 जनवरी से चलेगा। इसमें विशिष्ट 20 श्रेणी के लोगों से समर्पण निधि ली जाएगी। जबकि दूसरा चरण 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा।

इसमें विहिप और उसके सहयोगी संगठन पूरी ताकत झोंक देंगे। इस दौरान ही कार्यकर्ताओं को भगवान राम के वनवास की तरह समाज/धर्म के लिए विस्तारक/फुल टाइमर बनकर काम करेंगे। भरतपुर और धौलपुर जिले से 2789 कार्यकर्ता विस्तारक बनेंगे। कार्यकर्ता 24 प्रखंड, 296 खंड, 2361 गांव और 108 बस्तियों में प्रवास करेंगे। इस दौरान हर परिवार से संपर्क कर समर्पण निधि जुटाएंगे। जिले में जिलों में 21 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भरतपुर में 16 करोड़ और धौलपुर से 5 करोड़ का टारगेट है।

अभियान के लिए भरतपुर, डीग और धौलपुर में श्रीराम मंदिर निधि समर्पण समिति का गठन किया गया है। जिला संयोजक डॉ. सतीश भारद्वाज ने बताया कि यह अभियान अब तक का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान है। इसमें सभी संगठनात्मक केंद्रों तक कार्यकर्ता विस्तारक बनकर कार्य करेंगे। विस्तारकों का प्रवास 14 दिन से डेढ़ महीने तक रहेगा। महा जनसंपर्क अभियान 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें हर कार्यकर्ता को जुड़ना है।

चंदा नहीं, समर्पण राशि, नकद में दो हजार से अधिक ली जाएगी
विहिप का कहना है कि राम मंदिर निर्माण के लिए ली जाने वाली सहयोग राशि चंदा नहीं है। यह समर्पण निधि है। जिला संयोजक डॉ. सतीश भारद्वाज ने बताया कि हर हिंदू और हर भारतीय से संपर्क कर उसके अंशदान को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। कम से कम सहयोग राशि दस रुपए है।

मकर संक्रांति 14 जनवरी से समर्पण निधि अभियान शुरू होगा। एकत्र राशि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बने मंदिर निर्माण ट्रस्ट के खाते में जमा कर दी जाएगी। राशि जमा करने के लिए बैंकों का हिसाब-किताब और प्रक्रिया समझने वाले विशेषज्ञ स्वयंसेवकों की टीम भी बनाई गई है। यह टीम अंतिम दिन पूरी राशि का हिसाब कर खाते में जमा करने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

इधर, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री जुगलकिशोर 4 दिन करेंगे प्रवास

विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री जुगल किशोर रविवार को भरतपुर पहुंचे। वे चार दिन तक भरतपुर में प्रवास करेंगे और इस दौरान 40 चयनित समाजसेवी और दानदाताओं से वार्ता कर मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि जुटाएंगे। उल्लेखनीय है कि भरतपुर का टारगेट 16 करोड़ रुपए है। रेलवे स्टेशन कार्यकर्ताओं ने विहिप नेता जुगलकिशोर का स्वागत किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर विश्व का सबसे श्रेष्ठ और भव्य बनेगा, जिसमें हर भारतीय का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए 4 लाख गांवों में 11 करोड़ परिवारों से संपर्क किया जाएगा। राम मंदिर भारत के गौरव को बढ़ाने वाला देश का प्रमुख धार्मिक केंद्र होगा। मंदिर के निर्माण के लिए 70 एकड़ भूमि आवंटित की गई है जिसमें से 3 एकड़ भूमि पर मंदिर का निर्माण किया जएगा। मन्दिर निर्माण का कार्य देश की श्रेष्ठ निर्माण कंपनी एलएंडटी को सौंपा गया है। मन्दिर 360 फीट लंबा, 235 फीट चौड़ा तथा 161 फीट ऊंचा बनाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *