मानसिक रूप से विपक्ष युवक को नहीं मिल रहा आशय: अपना घर आश्रम ने सुरक्षा कारणों से राहुल मेहता को रखने से किया इंकार


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भरतपुर2 घंटे पहले

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जीवन में खून के रिश्ते कितने जरूरी है इसे चंड़ीगढ़ के करोड़पति राहुल मेहता के बदहाली व बदकिस्मती से समझ सकते हैं। राहुल भले ही करोड़ों की प्रापर्टी का मालिक था, लेकिन रिश्ते नहीं बना पाया। अकेला था और इसका फायदा लालची दोस्तों ने उठाया और उसे इस हालत में छोड़ दिया कि मानसिक रूप से बीमार हो गया और भुज में लावारिस हालत में पाए जाने पर जुलाई 2018 में श्रद्धा फाउंडेशन ने भरतपुर अपना घर आश्रम में भेज दिया।

इलाज से थोड़ा ठीक हुए राहुल की किस्मत जागी और उसकी कोठी को कब्जाने का मामला चंड़ीगढ़ एसआईटी के पास चला गया। पिछले दिनों चंड़ीगढ़ पुलिस अपने साथ ले भी गई थी। शनिवार को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जज के सामने 164 के बयान दर्ज करवाए गए।

सूत्रों के मुताबिक बयानों में मेहता ने साफ कहा है कि उसने कोठी नहीं बेची है। उसे नशा देकर और मारपीट करके कागजों पर जबरन साइन करवाए गए थे। बाद में पुलिस राहुल को वापस भरतपुर अपना घर आश्रम में छोड़ने आई। लेकिन आश्रम प्रबंधन ने उसे रखने से इनकार कर दिया।

आश्रम की प्रशासनिक अधिकारी बबीता गुलाटी का कहना है राहुल मेहता का मामला हाईप्रोफाइल और रिस्की हो गया है। उनकी जान को खतरा है। आश्रम में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। ऐसे में उनका पुलिस सुरक्षा में रहना जरूरी है। रविवार को ही पुलिस के साथ राहुल को वापस चंडीगढ़ भेज दिया गया है। उन्हें एक माह की दवाइयां भी दी गई हैं। वहीं, पुलिस ने फर्जी राहुल मेहता की पहचान कर ली है। वह सेक्टर-48 का रहने वाला है।

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