मातृत्व के साथ ही फर्ज की अहमियत: बच्चे को जन्म देने के 14 दिन बाद ही मेयर सौम्या गुर्जर ने संभाला ऑफिस, नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर किया काम-काज


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जयपुर13 मिनट पहले

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काम संभालने से पहले मेयर सौम्या गुर्जर ने केक काटा। इस मौके उनके स्टाफ के सभी सदस्यों ने उन्हे बधाई दी।

नगर निगम जयपुर ग्रेटर की मेयर सौम्या गुर्जर ने अपने जिम्मेदारी के प्रति समर्पण के लिए नई मिसाल पेश की है। एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने कर्तव्यों को निभाते हुए वह प्रसव के 14 दिन बाद नगर निगम मुख्यालय पहुंची और काम-काज संभाला। मेयर का अपने कर्तव्य के प्रति ये जज्बा उन सभी नौकरपेशा महिलाओं के लिए नजीर बन गई, जो बच्चे को जन्म देने के बाद 3 माह या उससे ज्यादा समय तक मैटरनिटी लीव पर रहती है।

11 फरवरी सुबह बच्चे को जन्म देने के 8 घंटे पहले तक मेयर सौम्या गुर्जर ने इसी ऑफिस में रहकर रात 9 बजे तक काम किया था। हालांकि इन बीच के दिनों में भी वो घर से भी अधिकारियों से संपर्क कर स्वच्छता और विकास कार्यो को लेकर लगातार फीडबैक ले रही थी। प्रसव के 5 दिन बाद ही मेयर ने वर्क फ्रॉर्म होम शुरू कर दिया था और घर पर ही ऑफिस के जरूरी काम-काज निपटा रही थी। आज जब 14 दिन अवकाश के बाद मेयर वापस काम पर लौटी तो उनके काम के प्रति इस जज्बे को देखकर अधिकारी-कर्मचारी भी अचंभित रह गए।

मीडिया से बात करते हुए अपने फैसले पर मेयर ने कहा कि वह छुट्टी पर थी, लेकिन उनका मन नहीं लग रहा था। एक जिम्मेदार के तौर पर मैं घर नहीं रुक सकती थी, ऐसे में अपने मातृत्व के साथ ही फर्ज की अहमियत को समझते हुए डिलवरी से आठ घंटे पहले तक नगर निगम मुख्यालय में मीटिंग ली। मां बनने के पांच दिन बाद घर से ही नगर निगम संबंधित फाइलों को निपटाया और आज दफ्तर में पूरा कामकाज संभाल लिया हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही बाकी जोनों में दौरा करेंगी।

इन अधिकारियों ने भी की थी मिसाल पेश

काम के प्रति डेडिकेशन के इससे पहले भी कई उदाहरण देखते को मिले है, लेकिन एक वर्किंग वुमन और मदर के रूप में अपने काम के लिए पूरा डेडिकेशन रखने के उदाहरण बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। इससे पहले इंदौर नगर निगम आयुक्त आईएएस प्रतिभा पाल और विशाखापट्नम नगर निगम की आयुक्त आईएएस अधिकारी सृजना गुम्माला और गाजियाबाद की एसडीएम सौम्या पांडे भी मां बनने के बाद एक पखवाडे में ही वापस अपने काम पर लौट आईं थी।

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