भ्रष्ट इंजीनियर को हवालात: GSS का अधूरा निर्माण कार्य होने पर भी 56 लाख का अधिक भुगतान किया, एसीबी कोर्ट ने 3 इंजीनियर व 1 ठेकेदार को 5-5 साल की सजा


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कोटा4 मिनट पहले

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अदालत के निर्णय के बाद पुलिस की हिरासत में भ्रष्टाचार के आरोपी।

  • अभी बीकानेर में कार्यरत है इंजीनियर

भ्रष्टाचार के 9 साल पुराने मामले में भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय (एसीबी कोर्ट) ने चार आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने तत्कालीन राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के इंजीनियर रामसेवक मिश्रा,ओम प्रकाश, अशोक दुबे को 5-5 साल की सजा व 50-50 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया। जबकि ठेका फर्म कम्पनी के ठेकेदार को 5 साल की सजा व 25 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया है।

अदालत ने की ये तल्ख टिप्पणी

इन पर आरोप था कि सवाई माधोपुर में खण्डार व भाड़ौती जीएसएस निर्माण का अधूरा कार्य होने पर भी ठेका फर्म को 56 लाख रुपये का अधिक भुगतान किया था। कोर्ट में मामले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि जनतांत्रिक प्रशासन में किसी भी व्यवस्था को संचालित करने का दायित्व लोक सेवक पर होता है यदि लोकसेवक भ्रष्ट हो जाए तो राष्ट्र की जड़े कमजोर हो जाती है। जिसका असर राष्ट्र के विकास पर पड़ता है।वर्तमान में समाज में भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान प्रकरण में अभियुक्तों के विरुद्ध आरोपित अपराध की प्रकृति एवं मामले के तथ्यों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दंडित किया गया।

क्या है मामला
लोक अभियोजक अशोक कुमार जोशी ने बताया कि सवाई माधोपुर के खंडार व भाडोती में साल 2007 में जीएसएस के निर्माण कार्य के यूबी इंजीनियरिंग लिमिटेड दिल्ली व मेसर्स एंजेलिक इंटरनेशनल लिमिटेड नई दिल्ली को दिया गया था। उस दौरान 132/ 33 केवी सर्विस स्टेशन में हुए निर्माण कार्य से प्रथम से चतुर्थ रनिंग बिल का भुगतान तो वर्क ऑर्डर के अनुसार किया गया। लेकिन पांचवे व अंतिम रनिंग बिल का भुगतान बिना वर्क ऑर्डर जारी किए ही कर दिया गया। मामले में तत्कालीन एडिशनल एसपी देवेंद्र शर्मा ने सत्यापन किया और मामले की जांच की।

एसीबी जांच में सामने आया कि ओमप्रकाश मीणा सहायक अभियंता राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (सिविल गुणवत्ता नियंत्रण), हाल राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम, बीकानेर ,अशोक दुबे सहायक अभियंता (सिविल गुणवत्ता नियंत्रण) हाल राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम, बाड़मेर, रामसेवक मिश्रा,तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, व संतोष सिंह प्रतिनिधि मेसर्स यूबी इंजीनियरिंग लिमिटेड दिल्ली ने मिली भगत कर राज्य सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई।

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