भैंस चोर गिरोह का पर्दाफाश: 2 पिकअप व चोरी की 4 लाख की तीन भैंस बरामद, गिरोह के 2 बदमाश गिरफ्तार, बाइक पर घूमकर करते थे भैंसों की रेकी


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोटा24 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भैंस चोर गिरोह का पर्दाफाश ,2 बदमाश गिरफ्तार, बदमाशों के पास से 2 पिकअप गाड़ी, चोरी की 4 लाख की 3 भैंसे बरामद

शहर की कुन्हाड़ी पुलिस ने भैंस चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से 2 पिकअप गाड़ी, चोरी की 4 लाख की 3 भैंसे बरामद की है। गिरोह के सदस्य कोटा बूंदी, बारां व झालावाड़ जिले में बाइक से रेकी करते थे। फिर मौका देखकर भैंसो को चुराते थे। चोरी की गई भैंसों को एमपी, यूपी व टोंक में ले जाकर बेचते थे। पुलिस ने गिरोह के सदस्य दीपक नायक व कैलाश को गिरफ्तार किया। जबकि गिरोह के अन्य 7 आरोपी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों ने आसपास के इलाकों से भैंस चोरी की वारदात करना कबूला है।

गिरोह के सदस्य कोटा बूंदी, बारां व झालावाड़ जिले में बाइक से रेकी करते थे। फिर मौका देखकर भैंसो को चुराते थे। चोरी की गई भैंसों को एमपी, यूपी व टोंक में ले जाकर बेचते थे

गिरोह के सदस्य कोटा बूंदी, बारां व झालावाड़ जिले में बाइक से रेकी करते थे। फिर मौका देखकर भैंसो को चुराते थे। चोरी की गई भैंसों को एमपी, यूपी व टोंक में ले जाकर बेचते थे

सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी

पुलिस उपाधीक्षक भगवत सिंह हिंगड़ ने बताया कि 1 फरवरी को शंभूपुरा निवासी भंवर लाल ने कुंन्हाड़ी थाने ने 8 भैंस चोरी की शिकायत दी थी। जिस पर सीआई गंगासहाय के नेतृत्व में पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। टीम ने आसपास के टोल नाकों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज में दो पिकअप संदिग्ध मिली। नम्बरों के आधार पर गाड़ी मालिक का पता किया। तो सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना दीपक नायक (भोपा) निवासी अटरू जिला बारां व धनराज नायक (भोपा) रामडी,देवली मांझी कोटा है।

बेचने से पहले पकड़े गए

पुलिस ने दीपक नायक पर नजर रखी। 12 फरवरी को पिकअप में सवार होकर दीपक नायक अपने गिरोह के सदस्य कैलाश लोधा के साथ चोरी की गई भैंस को बेचने टोंक जा रहा है। पुलिस ने हैंगिग ब्रिज के पास फोर लेन पर पिकअप गाड़ी को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने भैंस चोरी की वारदात करना कबूला। ओर गिरोह के 7 अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी बताई। आरोपियों के निशानदेही पर पुलिस ने गोड़िया थाना कामखेड़ा जिला झालावाड़ में दबिश दी। वहां गिरोह के अन्य सदस्य जावेद व लील्या उर्फ फारुख, चोरी की भैंसो को पिकअप गाड़ी में भरकर बेचने जाने की तैयारी में थे। पुलिस को वर्दी में देखकर आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।

प्लांनिग से करते थे काम

ये बड़ी प्लानिंग से पूरी वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य की अलग अलग जिम्मेदारी तय थी। रैकी करने ,भैंस की उठाने व चोरी की गई भैंस को बेचने के लिए अलग अलग बदमाशों के जिम्मे काम था। 2 हजार रुपये देकर साथी से रैकी करवाते। फिर भैंस को उठाने के लिए अलग बदमाश आते। चोरी की गई भैंसों को बेचने गिरोह के दूसरे सदस्य के जाते। एक टीम बाइक पर घूमकर रैकी करती। दूसरी टीम पिकअप को सुनसान जगह ले जाकर लाइट बंद कर खड़ी रहती। फिर पत्थरों का रेम्प बनाकर भैंस को गाड़ी में लोड करती। चोरी की भैंसो को लील्या उर्फ फारुख अपने गांव से दूर जंगलों में बना रखे बाड़े में रखता। फिर वहां से लोडिंग वाहन में भरकर अलीगढ़ (यूपी), भोपाल (एमपी) व टोंक में बेचान करता। चोरी का सरगना दीपक नायक , लील्या उर्फ फारुख से प्रत्येक भैंस का 10 हजार रुपये लेता था।

रकम आपस मे बांट लेते

लील्या उर्फ फारुख मेवाती, जावेद खान मेवाती, अमीर खान उर्फ कमरु मेवाती आपस मे रिश्तेदार है। इनका मुख्य धंधा छोटे बछड़ों व बूढ़ी भैंसों को खरीद कर बेचने का काम है। इसी की आड़ में ये बड़ी भैंसों को चोरी करके खुर्द बुर्द करते। कामखेड़ा, अकलेरा व मनोहरथाना क्षेत्र में छिपा देते। यहां आठ दस गांव मेव बाहुल्य समाज है, जो इनके रिश्तेदार है। वो इनकी मदद करते। चोरी की गई भैंसों को बेचकर मिली रकम को ये आपस में बांट लेते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *