भाजपा विधायक दो फाड़: पूर्व स्पीकर कैलाश मेघवाल बोले-विस की कार्यवाही में पार्टी के वरिष्ठ विधायकों की हो रही उपेक्षा, ​प्रदेशाध्यक्ष को लिखी चिट्ठी पर मैंने भी किए हस्ताक्षर


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  • Former Speaker Kailash Meghwal Said, Senior Legislators Of The Party Are Being Ignored In The Proceedings Of The Assembly, I Have Also Signed A Letter To The State President.

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जयपुरएक घंटा पहले

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भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश मेघवाल (फाइल फोटो)

  • पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समर्थक विधायकों ने खोला मोर्चा

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थ​क विधायकों ने ​भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया खेमे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजे सम​र्थ​क विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही में बोलने का अवसर देने में भेदभाव करने का खुलकर मुदृदा उठाया है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश मेघवाल ने कहा कि कुछ पुराने, अनुभवी और वरिष्ठ विधायकों की भावना थी कि उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने में उपेक्षा की जा रही है। उसी उपेक्षा के कारण उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष का ध्यान आकर्शित करने के लिए एक पत्र लिखा, जिस पर मैंने भी हस्ताक्षर किए थे।

मेघवाल ने कहा, वे फील कर रहे थे कि उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में जो महत्व मिलना चाहिए था वह नहीं मिल रहा है, ऐसी भावना फैल रही है, यह भावना समाप्त होनी चाहिए। सबको विधानसभा की कार्यवाही में समान अवसर देना चाहिए। क्योंकि अवसर देने का अधिकार लीडर ऑफ अपोजिशन और मुख्य सचेतक का होता है।

बजट सत्र में भाजपा विधायक दल में दो फाड़

कैलाश मेघवाल सहित 20 वसुंधरा राजे समर्थकों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष,नेता प्रतिपक्ष और वसुंधरा राजे को चिट्ठी लिखकर उनके साथ विधानसभा में भेदभाव का मुदृदा उठाया है। भाजपा में यह विवाद ऐसे वक्त उठा है जब विधानसभा का बजट सत्र शुरू ही हुआ है।

इस विवाद का सीधा असर अब विधनसभा में भाजपा के फ्लोर मैनेजमेंट पर दिखना तय है, क्योंकि सरकार को घेरने की बजाय भाजपा विधायक ही खेमों में बंटे दिख रहे हैं। दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के दिन ही चिट्ठी विवाद सामने आना भी कई तरह के सियासी सवालों को उठाता है।

पूनिया के अलावा गुलाबचंद कटारिया भी निशाने पर

चिट्ठी विवाद में कैलाश मेघवाल ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को निशाने पर ले लिया और क​हा कि विधानसभा में बोलने का मौका देने का काम नेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक का होता है। पार्टी में मुख्य सचेतक अभी बनाया ही नहीं है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष के तौर पर गुलाबचंद कटारिया ही निशाने पर हैं।

आठ को वसुंधरा की धार्मिक यात्रा, उससे पहले समर्थक विधायकों ने विरोधी खेमे के खिलाफ मोर्चा खोला

राजनीतिक जानकार भाजपा के अंदरूनी विवाद के और गहराने की संभावना जता रहे हैं। उनका मानना है कि वसुंधरा राजे समर्थक विधायकों का चिट्ठी लिखना भी एक रणनीति का हिस्सा है, इस रणनीति के तहत पहले विवाद खड़ा करके प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाना तो है ही, यह मैसेज देना है कि विधायक अब भी वसुंधरा राजे के साथ हैं। वसुंधरा राजे 8 मार्च को अपने जन्मदिन पर भरतपुर जिले से धार्मिक यात्रा कर रही हैं, इस धार्मिक यात्रा को भी शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है, इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

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