बदलाव: 10वीं-12वीं के विद्यार्थी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पढ़ेंगे


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नागाैर17 दिन पहले

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  • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नए सत्र से लागू किया पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगा लाभ

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की 10वीं व 12वीं की परीक्षा देने वाले 22 लाख से अधिक विद्यार्थी अगले साल नई पुस्तकों और नए पाठ्यक्रम से रूबरू होंगे। राज्य के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में लाभ ज्यादा मिल सकेगा।
राज्य का माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर सत्र 2021-22 से सभी कक्षाओं के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने जा रहा है। इसका बड़ा फायदा जिलेभर के सरकारी एवं निजी स्कूलों में पढ़ रहे 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिल सकेगा। इस साल सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम शुरू किया जा चुका है। कक्षा 1 से 5वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ है।
अब नए सत्र में 10वीं और 12वीं कक्षाओं में भी बच्चों के एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम से ही अध्ययन करने से सभी कक्षाओं को एनसीईआरटी का लाभ मिलेगा। सूत्रों के अनुसार पाठ्यक्रम में हुए बदलाव को लेकर बोर्ड पूरी तैयारी कर चुका है।
बोर्ड परीक्षा-2021 के बाद होगा लागू नया पाठ्यक्रम

यह पाठयक्रम मई माह में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा के बाद लागू होगा। खास बात यह है कि छह साल पहले भी अजमेर बोर्ड से संबद्ध वाले सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की जगह राजस्थान का पाठ्यक्रम लागू किया था। कक्षा-6 से 9वीं और 11वीं कक्षा का पाठ्यक्रम पहले से बदला जा चुका है और अब सरकार ने 10वीं और 12वीं के पुराने पाठ्यक्रम को बदलकर वापस स्कूलों में एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पढ़ाने की तैयारी कर ली है।

परीक्षाएं 15 मई के बाद, प्रायोगिक पर होना है निर्णय
सामान्यतया आरबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा मार्च के पहले हफ्ते से शुरू हो जाती हैं। लेकिन कोविड-19 के कारण पिछली बोर्ड परीक्षाएं पहले स्थगित हुईं और फिर जून में करवाई गई। परंतु इस बार मई में भी बोर्ड की परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि अजमेर बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं के नियमित व स्वयंपाठी विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि आवेदन की अंतिम तिथि बोर्ड ने 8 जनवरी निर्धारित की हुई है। दूसरी तरफ प्रायोगिक परीक्षाएं भी जनवरी से शुरू हो जाती हैं लेकिन इस बार अभी तक स्कूलों में कोरोना के चलते प्रैक्टिकल नहीं हुए हैं। इसकी मुख्य वजह यही है कि बोर्ड ने अभी तक प्रैक्टिकल परीक्षाओं की घोषणा नहीं की है।

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