पेपरलेस एजेंडे की मुहिम: अफसर और इंजीनियर्स को मिलेगा टैबलेट, इसमें होगा डिजिटल पेपर; 3 साल बाद हुई बैठक में फैसला


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जयपुर2 घंटे पहले

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जलदाय मंत्री बीडी कल्ला।

  • नागौर में पन्नालाल बारूपाल लिफ्ट स्कीम के लिए भी हुआ निर्णय
  • 17.52 करोड़ जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित करने को मंजूरी मिली

राजस्थान में पेयजल प्रोजेक्ट तथा स्कीम के साथ ही पाॅलिसी प्लानिंग करने वाली फाइनेंस कमेटी (पीपीसी) व राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति की मीटिंग का एजेंडा अब पेपरलेस यानी डिजिटल फॉर्म में होगा। बैठक में आने वाले आला अफसरों व बड़े इंजीनियर्स को टैबलेट दिया जाएगा।

इसके लिए सभी अधिकारियों को टेबलेट दिया जााएगा। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने अफसरों की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए इसकी पहल की है। जलदाय मंत्री की अध्यक्षता में हुई पीपीसी के दौरान इसको लेकर निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अब हर तीन महीने में पीसीसी की मीटिंग होगी, ताकि योजनाओं की माॅनिटरिंग सख्ती से की जा सके।

जलदाय विभाग की राजस्थान वॉटर सप्लाई एवं सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड (आरडब्ल्यूएसएसएमबी) की नीति निर्धारण समिति की बैठक तीन साल बाद रविवार को हुई है। बैठक में जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने पेयजल प्रोजेक्ट व स्कीम में क्वालिटी पर निगरानी रखने को कहा है।

प्रोजेक्ट्स की डीपीआर समय पर बनाने, उनके अनुमोदन से लेकर टेंडर प्रक्रिया और मौके पर कार्य के बारे में समयावधि का निर्धारण करते हुए ‘टाइमलाइन‘ की पालना के लिए सभी स्तरों पर पूरी गम्भीरता बरतने के भी निर्देश दिए।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
कल्ला ने कहा कि पेयजल परियोजनाओं के कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए। गुणवत्ता और समयबद्धता को सुनिश्चित करने के लिए कनिष्ठ अभियंताओं से लेकर मुख्य अभियंता स्तर तक के अधिकारी प्रोजेक्ट्स की सतत मॉनिटरिंग करें और फील्ड का नियमित दौरा करते हुए प्रगति का जायजा लें।

इन प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
नागौर में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत पन्नालाल बारूपाल लिफ्ट स्कीम के एक से 5 तक के पम्पिंग स्टेशनों पर पम्प, पैनल और अन्य उपकरणों के एसआईटीसी (सप्लाई, इंस्टालेशन, टेस्टिंग एवं कमिशनिंग) सम्बंधी कार्यों के लिए 17.52 करोड़ रुपए की राशि जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित करने को मंजूरी प्रदान की गई। इससे पेयजल के लिए पानी की उपलब्धता में गुणात्मक सुधार आएगा।

इसी प्रकार वृहद पेयजल परियोजनाओं के तहत सिरोही के माऊंटआबू में सालगांव पर बांध बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति (लागत-250.77 लाख रुपये), नर्मदा कैनाल से पेयजल के उपयोग के लिए में संशोधित शेयर (लागत-286.71 करोड़ रुपये) के प्रस्ताव एवं अन्य परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया।

साथ ही पाली की सोजत तहसील में जल जीवन मिशन के तहत 34 गांवों और 10 ग्राम पंचायतों की पेयजल आपूर्ति योजना (लागत-146.85 करोड़ रुपए) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी करने के प्रस्तावों का भी अनुमोदन किया गया।

भीलवाड़ा जिले में चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल आपूर्ति परियोजना फेज-द्वितीय के तहत 1701 गांवों और 8 कस्बों में क्लस्टर वितरण सिस्टम की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति (लागत-2443.73 करोड़ रुपये) तथा झालावाड़ में गागरिन पेयजल परियोजना की संशोधित स्वीकृति (581.99 करोड़ रुपये) के प्रस्तावों का भी अनुमोदन किया गया। इसके अलावा बैठक में पूर्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र से सम्बंधित फाइल पर जारी की जा चुकी 55 प्रोजेक्ट्स की स्वीकृतियों की पुष्टि की गई।

(रिपोर्ट: श्याम राज शर्मा)

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