पहली बार शराब दुकानों में दिलचस्पी कम: शराब दुकानों का आवंटन ऑनलाइन नीलामी से करने की आवेदन तिथि ​​​​​​​बढ़ानी पड़ी,अब नीलामी 3 मार्च से निकाली जाएंगी


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अलवर24 मिनट पहले

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आबकारी विभाग का कार्यालय।

अलवर राज्य सरकार की ओर से पहली बार शराब की दुकानों का आंवटन ऑनलाइन नीलामी से करना शराब ठेकेदारों का रास नहीं आ रहा। पहले की तरह आमजन की भागीदारी भी नहीं है। तभी तो अंतिम तिथि तक 293 दुकानों के लिए केवल 157 लोगों ने आवेदन कर अमानत राशि व शुल्क जमा कराया है। हालांकि आवेदन तो 1 हजार 264 लोगों ने भरे हैं। लेकिन, 157 के अलावा आवेदकों ने राशि जमा नहीं कराई। जिससे कारण् आबकारी विभाग को आवेदन व लॉटरी की अंतिम तिथि बढ़ानी पड़ी है। आबकारी प्रशासन का मानना है कि आवेदन तो आए हैं। लेकिन, अभी और आने की संभावना है। जिसे देखते हुए अंतिम तिथि बढ़ाई है।

23 को लॉटरी निकाली जानी थी, जो अब 3 मार्च को निकलेगी
आबकारी विभाग के अनुसार पांच चरणों में दुकानों की लॉटरी निकाली जाएगी। पहले चरण की लॉटरी 23 फरवरी को निकाली जानी थी। जो अब 3 मार्च को निकाली जाएगी।जिला आबकारी अधिकारी बाबूलाल सिनसिनवार ने बताया कि काफी आवेदन आ चुके हैं। अंतिम तिथि बढ़ाकर और मौका दिया गया है। ताकि प्रत्येक दुकान के लिए अधिक आवेदन आएं।

अब इन पांच चरणों में लॉटरी निकलेगी
3 मार्च को 69 दुकान
4 मार्च को 57 दुकान
5 मार्च को 54 दुकान
9 मार्च को 56 दुकान
10 मार्च को 57 दुकान
नोट: लॉटरी से एक दिन पहले तक आवेदन के साथ शुल्क व अमानत राशि जमा की जा सकती है। बिना राशि जमा कराए आवेदक को लॉटरी प्रक्रियों में भाग लेने नहीं दिया जाएगा।
अब तक प्राप्त आवेदन से आय
आबकारी विभाग को अब तक 157 आवेदकों ने शुल्क व अमानत राशि जमा कराई है। जिससे विभाग को 81 लाख रुपए फीस व 1 करोड़ 84 लाख रुपए अमानत राशि मिली है। यह राशि 95 दुकानों के आवेदकों से प्राप्त हुई है। जबकि जिले में 295 दुकानें हैं। जिनकी ऑनलाइन नीलामी की जाएगी।

काफी दुकानें जिनसे आय कम
अब तक जिले के बड़ी शराब की दुकानों के आवेदन लगे हैं। उनकी फीस भी जमा हो चुकी है। छोटी व मध्यम दुकानों के आवेदन कम लगे हैं। छोटी दुकानों का न शुल्क व अमानत राशि जमा होना चुनौतीपूर्ण लग रहा है। मतलब छोटी दुकानों की बड़ी बोली लगाने वाले नहीं हैं। जबकि विभाग के अधिकारियों के पास यह चुनौती है कि हर दुकान के लिए अधिक से अधिक आवेदन आएं। ताकि प्रत्येक दुकान की बड़ी बोली लगने से सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।

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