नीति आयोग की बैठक में पानी पर फोकस: सीएम गहलोत ने पीएम मोदी से कहा, आपने 2018 में ERCP को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का वादा किया था, आज तक उस पर अमल नहीं हुआ


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जयपुर14 मिनट पहले

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नीति आयोगकी गर्विनंग काउंसिल की वर्चुअल बैठक में सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान की पानी से जुड़ी दो बड़ी योजनाओं में केंद्र से सहायता मांगी

  • सीएम ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग उठाई
  • घर-घर नल योजना में 90 फीसदी केंद्रीय सहायता देने की भी मांग

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नीति आयोग की वर्चुअल बैठक में राजस्थान से जुड़े चार मुद्दे उठाए। सीएम ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने,जल जीवन मिशन में 90 फीसदी पैसा केंद्र से देने और पोटाश खनन में सहायता करने की मांग उठाई है। गहलोत ने पीएम से कहा कि आप 7 जुलाई 2018 को जयपुर और 6 अक्टूबर 2018 को अजमेर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए आपने ईआरसीपी को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है। गहलोत ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट से राज्य के 13 जिलों को सिंचाई और पेयजल का पानी मिलेगा। इनमें झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, करौली, अलवर, भरतपुर, दौसा और धौलपुर जिले शामिल हैं। इन 13 जिलों में 2.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी मिलेगाा। केंद्र सरकार ने पहले भी कई राज्यों की 16 सिंचाई परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया है। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट का अनुमानित खर्च करीब 40 हजार करोड़ है, इतना खर्च राज्य सरकार नहीं उठा सकती, इसलिए केंद्र का सहयोग जरूरी है।

जल जीवन मिशन में 90 फीसदी केंद्रीय सहायता की मांग
गहलोत ने कहा, राजस्थान में देश का 10 प्रतिशत भू-भाग है, जबकि देश का केवल 1 प्रतिशत पानी यहां उपलब्ध है। राजस्थान रेगिस्तानी क्षेत्र होने के साथ ही यहां सतही एवं भू-जल की भी काफी कमी है।इसे देखते हुए केन्द्र सरकार उत्तर पूर्वी और पहाड़ी राज्यों की तरह प्रदेश को भी जल जीवन मिशन में 90ः10 के तहत सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
    
पोटाश के खनन में केंद्र से सहायता की मांग
गहलोत ने कहा कि दुर्लभ खनिज पोटाश के मामले में हमारा देश पूरी तरह आयात पर निर्भर है। राजस्थान में इस खनिज के अथाह भण्डार मौजूद हैं। हमारा प्रयास है कि इसका समुचित दोहन हो और पूरे देश को इसका लाभ मिले। भारत सरकार के मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारतीय भू-विज्ञान सर्वेक्षण के माध्यम से इस खनिज के दोहन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। केन्द्र सरकार इस काम में भी आवश्यक सहयोग दे।

रोजगार में सहायता करे केंद्र
गहलोत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के गंभीर संकट के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के साथ ही रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। केंद्र सरकार इस दिशा में भी सकारात्मक पहल कर राज्यों को राहत दे।

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