नगर निगम: सीज कॉम्प्लेक्सों में एक के पिछले रास्ते की सील टूटी, दूसरे से सामान निकालने की हुई कोशिश


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भरतपुर18 दिन पहले

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भरतपुर. बड़ा बाजार स्थित कॉम्प्लेक्स के पीछे के रास्ते में खोली गई चाली।

  • पुलिस ने पकड़े ठेकेदार और मजदूर, 4 घंटे बाद छोड़ा, इन वारदातों से नगर निगम के अफसर अनजान

अवैध निर्माण पर सीज किए गए व्यावसायिक कॉम्पलैक्सों में सील तोड़ने और सामान चोरी करने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। लेकिन, नगर निगम के अफसर अनजान बने हुए, वहीं मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। रविवार को कोतवाली के सामने और बड़ा बाजार के व्यावसायिक कांप्लेक्सों में भी इस तरह की घटनाएं सामने आईं।

इनमें बड़ा बाजार के कांप्लेक्स की पिछले रास्ते की सील टूटी हुई मिली। वहीं कोतवाली के सामने स्थित कांप्लेक्स से चोरी-छिपे सामान निकालने की कोशिश की गई। पुलिस ने मौके पर ठेकेदार और कुछ श्रमिकों को पकड़ भी लिया। लेकिन, 4 घंटे थाने पर बिठाने के बाद उन्हें छोड़ दिया। इधर, नगर निगम के राजस्व निरीक्षक कुलदीप फौजदार ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तड़के सीज कॉम्प्लेक्स के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉली देखकर लोगों ने पुलिस को बुलाया

कोतवाली चौराहा निवासी एडवोकेट शरद कोठारी के अनुसार रविवार सुबह 4 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कॉम्प्लेक्स के सामने आई। इसके बाद कॉम्प्लेक्स में से बल्लियां और फंटे निकाले जाने लगे। इनकी आवाजें सुनकर कोतवाली पुलिस आई और बल्ली-फंटे निकाल रहे लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत थाने ले गई।

सुबह 7.30 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ दिया गया। बाद में करीब 9 बजे ठेकेदार को भी छोड़ दिया गया। एएसआई सुरेन्द्र कुमार के अनुसार पूछताछ में ठेकेदार ने बताया कि सीज परिसर के बाहर कुछ बल्लियां और सामान पड़ा था। जिसे वह लेकर जा रहा है। मौके पर कॉम्पलेक्स में अंदर प्रवेश का रास्ता बंद मिला। इसलिए एसएचओ के निर्देश पर ट्रॉली और ठेकेदार को छोड़ दिया गया।

जमादारों पर ही निगरानी की जिम्मेदारी
दूसरी ओर बड़ा बाजार स्थित कॉम्प्लेक्स में पिछले रास्ते की सील रविवार को टूटी मिली। यहां नगर निगम की ओर से लगाई गई चालनियों को काटकर नीचे गिरा दिया गया है। प्रथम दृष्टया इस कॉम्प्लेक्स में से भी सामान निकाले जाने की आशंका है। उल्लेखनीय है कि निगम आयुक्त ने जमादारों को सीज किए गए कांप्लेक्सों की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी हुई है। इसके बावजूद निगम अधिकारियों को इन घटनाओं की भनक तक नहीं लगी।

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