नगर निगम में फूटा लेटर बम: सोशल मीडिया पर वायरल निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का पत्र, BJP नेताओं पर लगे गंभीर आरोप


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उदयपुर18 मिनट पहले

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नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर वायरल पत्र।

लेक सिटी उदयपुर की शहरी सरकार मैं व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी देने वाला एक पत्र अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। शुक्रवार को सोनू नाम से एक व्यक्ति ने शहर की चुनिंदा पार्षदों को स्पीड पोस्ट से एक पत्र भेजा था। जिसमें नगर निगम के गैराज शाखा में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी साझा की गई थी। जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।

पूर्व उपमहापौर लोकेश द्विवेदी चेयरमैन मनोहर चौधरी और बाबूलाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर पत्र को भेजने वाले सोनू ने नगर निगम के पूर्व उपमहापौर लोकेश द्विवेदी पर प्रतिमा 6 लाख की मासिक बंधी लेने का आरोप लगाया है। पत्र में लिखा गया है कि गैराज शाखा अधीक्षक बाबूलाल द्वारा पूर्व उपमहापौर को चुप रहने के लिए हर महीने 6 लाख दिए जाते थे। इसकी एवज में लोकेश द्विवेदी द्वारा बाबूलाल को मनमर्जी करने की छूट दी जाती थी। सोनू ने बताया कि अपने पूरे कार्यकाल के दौरान पूर्व उपमहापौर लोकेश द्विवेदी ने बाबूलाल से प्राप्त बंधी में तीन करोड़ 60 लाख रुपए कमाए हैं।
वहीं वर्तमान गैराज समिति अध्यक्ष मनोहर चौधरी पर भी वायरल पत्र में मासिक बंदी का आरोप लगा है। पत्र भेजने वाले सोनू ने पत्र में लिखा है कि मनोहर चौधरी द्वारा हर महीने 3 लाख की बंदी बाबूलाल से ली जाती थी। इसकी एवज में चौधरी बाबूलाल के काले कारनामों पर आंख बंद कर लेते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के पत्र में बाबूलाल के काले कारनामों की जानकारी दी गई है। पत्र में बताया गया है कि बाबूलाल द्वारा अपने मित्र प्रवीण को निगम की गैराज के सभी ठेके दिए जाते थे। जिसमें बाबूलाल खुद भी हिस्सेदार था। प्रवीण और बाबूलाल दोनों मिल निगम में भ्रष्टाचार का काला खेल चला रहे थे। जिसमें दोनों ने मिल कई घोटालों को अंजाम दिया था।

पत्र में बीजेपी के पूर्व उपमहापौर और वर्तमान चेयरमैन पर लगाए गंभीर आरोप।

पत्र में बीजेपी के पूर्व उपमहापौर और वर्तमान चेयरमैन पर लगाए गंभीर आरोप।

पत्र भेजने वाले सोनू ने बताया है कि बाबूलाल चौहान द्वारा निगम में टायर घोटाला, बैटरी घोटाला, वाहन चालक टेंडर घोटाला, पेट्रोल-डीजल घोटाला, गाड़ियों की मेंटेनेंस घोटाला, होमगार्ड घोटाला, वेल्डिंग घोटाला, गुलाब बाग घोटाला और फतेहसागर जेटी घोटाला कर हर महीने लाखों रुपए की काली कमाई की जा रही थी। पत्र में लिखा गया है कि बाबूलाल की डिग्री भी फर्जी है। और फर्जी तरीके से वह निगम की गैराज शाखा का अधीक्षक बना था जिसकी भी जांच की जानी चाहिए।

सोनू ने इस पत्र की कॉपी चुनिंदा पार्षदों के साथ ही उदयपुर महापौर गोविंद सिंह टाक, उपमहापौर पारस सिंघवी और नगर निगम कमिश्नर को भी भेजी है। वहीं कांग्रेसी पार्षद शंकर चंदेल ने निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग रखी है शंकर ने कहा है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई निगम में प्राप्त अधिकारी और सत्ताधारी बीजेपी के जनप्रतिनिधि लूट रहे हैंः ऐसे में स्वतंत्र एजेंसियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

सोनू नाम के व्यक्ति ने चुनिंदा पार्षदों को भेजा पत्र।

सोनू नाम के व्यक्ति ने चुनिंदा पार्षदों को भेजा पत्र।

(दैनिक भास्कर यह खबर वायरल पत्र के हवाले से लिखी गई है। इस पत्र की सत्यता को दैनिक भास्कर प्रमाणित नहीं करता है)

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