दुखभरी दास्तां: बड़ी बहन सपना ने दुबई में उसी स्थान पर पहुंचकर की प्रार्थना, जहां हादसे में हुई थी छाेटी बहन राेशनी की माैत


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अजमेर44 मिनट पहले

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  • 2 सालाें से चला रही हैं जानलेवा बैरियर बदलने की मुहिम
  • 12 भारतीयों सहित 17 की मौत हुई थी, यूएई ने ब्लड मनी भी नहीं दी

दाे साल पहले विदेश में जिस जगह पर एक बस हादसे में‌ छाेटी बहन की माैत हुई हाे, उसी स्थान पर जाकर मृतका की आत्मा शांति के लिए प्रार्थना करने वाली बड़ी बहन की पीड़ा काे आप समझ सकते हैं। लेकिन बड़ी बहन काे इससे भी ज्यादा पीड़ा वहां की सरकार के रवैये काे लेकर है।

वे पिछले दाे सालाें से लाेहे के उस भारी भरकम बैरियर काे हटवाने का प्रयास कर रही है, जिसकी वजह से छाेटी बहन सहित 17 यात्रियाें की माैत हुई थी। दुबई के मोहम्मद बिन जायद क्षेत्र के रशिदिया राेड पर लाेहे के इस बैरियर से बस टकराने से अजमेर वैशाली नगर निवासी इंटरनेशनल माॅडल, लेखक और गल्फ न्यूज की पत्रकार राेशनी सहित 12 भारतीयाें की माैत हुई थी। लेकिन अब तक यूनाइडेट अरब अमीरात (यूएई) सरकार की ओर से पीड़ित परिवाराें काे ब्लड मनी तक नहीं दी गई है। यही नहीं लाेहे के जानलेवा बैरियर काे भी नहीं बदला गया। मालूम हाे कि ब्लड मनी यूएई में हादसे के बाद पीड़ित परिवार काे दी जाने वाली त्वरित सहायता राशि हाेती है।

लाेहे के बैरियर और तेज रफ्तार के कारण हुआ था हादसा

पेशे से साॅफ्टवेयर इंजीनियर व देश की एक बड़ी कंपनी में टेक्निकल हैड सपना मूलचंदानी ने बताया कि लाेहे के बैरियर के कारण 6 जून 2019 काे राेशनी की दुबई में माैत हाे गई थी। रशिदिया राेड पर जहां हादसा हुआ वहां गति सीमा 40 निर्धारित है, लेकिन बस 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दाैड़ाई जा रही थी।

मवासलात कंपनी की इस बस का चालक आमाेनी था, जिसे सजा के ताैर पर एक साल न्यायिक अभिरक्षा भेजा गया था। लेकिन वहां की सरकार ने अब तक किसी भी पीड़ित परिवार काे ब्लड मनी नहीं दी है। 2 लाख दिरम यानि भारतीय मुद्रा में करीब 40 लाख रुपए तक ब्लड मनी दिए जाने का प्रावधान है।

ताकि फिर काेई हादसा न हाे

सपना ने बताया कि वे दुबई में उसी स्थान पर गई थी, जहां राेशनी की सांसें थमी थीं। वहां बहन की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की और फिर दुबई प्रशासन के कई अफसराें के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। लाेहे का बैरियर हटाकर उसके स्थान पर प्लास्टिक या किसी हल्के मैटेरियल का बैरियर लगाने का आग्रह किया गया ताकि दुबारा काेई भी इस तरह के भयावह हादसे का शिकार नहीं हाे। सपना ने बताया कि – पूर्व में भी कई बार ई-मेल भेजकर बैरियर बदलने का आग्रह किया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दुबई सरकार ने वहां किसी तरह का काेई बदलाव नहीं किया। जिस लाेहे के बैरियर से बस टकराई थी, वाे महज 2.2 मीटर उंचाई का है। दुबई में कई स्थानाें पर इस तरह के बैरियर लगे हैं। सपना ने बताया कि वे गल्फ न्यूज औैर द नेशनल न्यूज ने उसकी पीड़ा दुबई के राेड एंड ट्रांसपाेर्टेशन अथॉरिटी (आरटीए) तक पहुंचाई है, अब उनके जबाव का इंतजार है।

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