डीजीपी ने ली क्लास: एम एल लाठर ने माना-बारां-झालावाड़ जिले में नारकोटिक्स, अवैध हथियार, अपहरण और दुष्कर्म जैसे क्राइम बड़ी समस्या


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कोटा2 घंटे पहले

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डीजीपी ने कोटा रेंज के अधिकारियों की मैराथन बैठक ली।

पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एमएल लाठर ने कोटा में अधिकारियों की बैठक ली। मैराथन बैठक में कोटा रेंज में घटित हो रहे अपराधों, समस्या और उनके निस्तारण को लेकर समीक्षा की। इस दौरान डीजीपी ने अधिकारियों से वन टू वन चर्चा भी की।

कोटा रेंज के बारां व झालावाड़ जिले में नारकोटिक्स,अवैध हथियार,नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर नाराजगी जताई। योजना बनाकर बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की बात कहीं। मैराथन मीटिंग के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। प्रेसवार्ता में डीजीपी ने कहा कि दुष्कर्म व भ्रष्टाचार के मामलों में तुरन्त कार्रवाई की गई हैं। एक दो प्रकरणों को छोड़कर सभी मामलों में समय पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया हैं।

टिप्पणी से इनकार
भ्रष्ट अधिकारियों को पोस्टिंग देने के को लेकर कांग्रेस विधायक भरत सिंह कई बार राज्य सरकार को पत्र लिख चुके हैं। खासकर उदयपुर रेंज आईजी व तकालीन कोटा एसपी सत्यवीर सिंह को पोस्टिंग देने को लेकर सवाल खड़े किए थे। पत्रकारों ने जब डीजीपी से भ्रष्ट अधिकारियों को पोस्टिंग देने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी देने से इनकार कर दिया।

साइबर क्राइम
प्रदेश में बढ़ रहे साइबर क्राइम के सवाल का जवाब देते हुए डीजीपी ने कहा कि हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल हैं नेट हैं। उनकी क्षमता बढ़ी है। साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए साइबर फोरेंसिक लैब स्थापित की गई हैं। जिसमें अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलने की जरूरत हैं। लेकिन बेसिक पुलिसिंग के प्रिंसिपल के नियम भूलना नहीं चाहिए।

डीजीपी ने कहा कि बेहतर को और कैसे बेहतर बनाया जाएं। 10 साल से पुराने केसों को भी निस्तारित करने का अभियान चल रहा हैं। साथ ही 1 साल के ऊपर के केसों की भी समीक्षा की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी को साप्ताहिक अवकाश होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर अधिकारी जरूरत के हिसाब से पुलिसकर्मी को साप्ताहिक अवकाश देते हैं।

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