जोधपुर में ऑडिटोरियम निर्माण: व्यास विश्वविद्यालय के छात्रों के बाद अब पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्राओं का विरोध, गहलोत के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन


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जोधपुर17 मिनट पहले

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जोधपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन करती महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्राएं।

  • राज्य सरकार ने अब विश्वविद्यालय के बजाय पॉलिटेक्निक कॉलेज की जमीन सौंप दी

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की जमीन को ऑडिटोरियम निर्माण के लिए दिए जाने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फैसले के विरोध में आज छात्राओं ने प्रदर्शन किया। महामंदिर स्थित गहलोत के पैतृक आवास के बाहर छात्राओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए जमीन दिए जाने का विरोध किया। ऑडिटोरियम का निर्माण पहले जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नए परिसर में प्रस्तावित था, लेकिन छात्रों के उग्र विरोध के बाद बैकफुट पर आई राज्य सरकार ने पॉलिटेक्निक कॉलेज की 36 बीघा जमीन ऑडिटोरियम के लिए सौंप दी।

अब राज्य सरकार जोधपुर में एक बड़ा ऑडिटोरियम का निर्माण करने जा रही है। इसके लिए पाली रोड पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नए परिसर की 36 बीघा जमीन आवंटित कर दी। इसकी भनक लगते ही छात्रों ने जोधपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा। इसके बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। लगातार धरना प्रदर्शन से दबाव में आई राज्य सरकार ने अपना निर्णय बदल दिया और पॉलिटेक्निक परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण का फैसला कर लिया। आज महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्राओं ने महामंदिर क्षेत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैतृक आवास के बाहर जाकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा कि हमारे परिसर की बंदरबांट की जा रही है। परिसर लगातार सिकुड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करने के लिए हमने आज यहां प्रदर्शन किया है। यदि हमारी मांग नहीं सुनी गई तो हम भूख हड़ताल शुरू करेंगी।

जमीन बंटती गई, कॉलेज परिसर सिकुड़ता गया

जोधपुर में वर्ष 1958 में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की गई थी। एक दानदाता ने शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए अपनी 227 बीघा भूमि राज्य सरकार को समर्पित की थी। शुरुआती दौर में यह कॉलेज शहर से बाहर माना जाता था, लेकिन अब यह शहर के बिलकुल बीच में स्थित में है। शहर के बीच में आने के बाद किसी भी कार्यालय या रहवासीय कॉलोनी निर्माण के लिए राज्य सरकार की नजर हमेशा इसकी जमीन पर लगी रहती है। सबसे पहले पुलिस चौकी के लिए जमीन दी गई। इसके बाद होटल प्रबंधन संस्थान के लिए जमीन प्रदान की गई। बाद में महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज इसी परिसर में अलग से खुल गया। नगर निगम के नए भवन की तलाश में जुटी राज्य सरकार ने एक बड़ा भू भाग आवंटित कर दिया। बाद में न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए भी इसी कॉलेज की जमीन आवंटित कर दी गई। इसके अलावा विज्ञान केन्द्र के लिए भी जमीन आवंटित कर दी गई। पॉलिटेक्निक कॉलेज के हाथ से धीरे-धीरे जमीन खिसकने के कारण इसके खेल मैदान सिकुड़ते रहे या गायब होना शुरू हो गए।

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