खुलासा: 5 लाख का कर्जा चुकाने के लिए उखाड़ा था एटीएम, ट्रैक्टर गांव से ले जाने पर पकड़े गए


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भीलवाड़ा4 मिनट पहले

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  • मशीन हिलती महसूस हुई तो चुराने की योजना बनाई, दो गिरफ्तार

हरिपुरा तिराहे पर 28 फरवरी की रात 18 लाख रुपए से भरे एसबीआई बैंक के एटीएम को उखाड़ ले जाने के मामले में पुलिस ने दाे आराेपियाें काे गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आराेपी ने 4-5 लाख रुपए का कर्जा हाेने से लूट की याेजना बनाई थी। हालांकि आराेपी एटीएम ताेड़ने के बाद भी नकदी नहीं निकाल पाए ताे जंगल में छोड़कर भाग गए थे।

दाेनाें आराेपी एटीएम काे ट्रैक्टर के पीछे बांधकर आधी रात में गांव से हाेकर निकले। इससे कुछ लाेगाें काे शक हुआ और पुलिस काे इन तक पहुंचने में मदद मिल गई। एसएचओ राजेन्द्र गाेदारा ने बताया कि माल का खेड़ा के प्रहलाद जाट और सुरेश जाट काे गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में कबूला है कि ट्रैक्टर से बांधकर एसबीआई बैंक के एटीएम उखाड़ा। सिरड़ियास बलाई खेड़ा के जंगल में ले गए। वहां प्लेट्स को नहीं तोड़ पाए तो छोड़कर भाग गए।

मशीन को सब्बल से उखाड़ा, भारी लगने पर ऑटाे वाले को बुलवाया, उसने ले जाने से किया इनकार
प्रहलाद जाट पर नाता विवाह सहित कई कारणों से 4-5 लाख रुपए का कर्जा हाे गया था। घटना से पहले दिन में प्रहलाद जाट अपने मित्र सुरेश के साथ हरिपुरा तिराहे के एटीएम बूथ पर गया। वहां मशीन काे हाथ लगाने पर हिलती-डुलती महसूस हुई ताे उसने कर्जा उतारने के लिए मशीन उखाड़कर ले जाने की याेजना बना ली। देर रात वह सुरेश काे साथ लेकर आया।

उसने लाेहे की सब्बल से मशीन उखाड़ ली, लेकिन ले जाने की काेशिश की ताे भारी लगी। इस पर गांव के ही एक ऑटाे वाले काे फाेन कर तिराहे पर बुलाया। वहां एटीएम मशीन देखकर ऑटाे वाले ने पुलिस का डर दिखाते हुए उसे ले जाने से मना कर दिया। इस पर प्रहलाद ने सुरेश काे गांव से वाहन लेकर आने काे कहा। सुरेश ट्रैक्टर लेकर आया। दाेनाें आराेपी एटीएम मशीन काे ट्रैक्टर के पीछे बांधकर अपने गांव माल का खेड़ा से हाेते हुए जंगल में ले गए।

सोराज ने सड़क पर घसीटने के निशानाें से कड़ी जोड़ी, पुख्ता किया कि बदमाश क्षेत्र के
मामले का खुलासा करने के लिए एसपी विकास शर्मा ने विशेष टीम बनाई। इस टीम में शामिल कांस्टेबल सोराज की खुलासे में अहम भूमिका रही। सोराज का कहना है कि एसएचओ के निर्देशन में काम शुरू किया। इसी दौरान जांच में सड़क व अन्य रास्तों पर घसीटने के निशान मिले तो उम्मीद बनी कि एटीएम ज्यादा दूर नहीं ले गए।

निशानों का पीछा करके कड़ी जोड़ी। इसके बाद ट्रैक्टर की जानकारी जुटाई तो एक घंटे में एटीएम मशीन मिल गई। बदमाश रात को 10 बजे गांव से निकले थे, लेकिन रास्ते में नशा करने की वजह से एटीएम पर तीन बजे पहुंचे। इनके पास मोबाइल भी नहीं था इसलिए टाइम भी नहीं पता। आखिरकार तोड़ने की कोशिश में छह बज गए तो भागना पड़ा।

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