कोरोना से जंग में: राजस्थान में कोविड वैक्सीनेशन नए चरण की शुरुआत कल से, अब निजी अस्पताल में भी लगेगी वैक्सीन


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जयपुर14 मिनट पहले

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1 मार्च से राजस्थान के सभी जिलों के करीब 1000 संस्थाओं व 88 निजी चिकित्सालयों में टीकाकरण किया जाएगा।

  • 1 मार्च को राज्य में डेढ़ लाख लोगों के कोरोना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है
  • सभी जिलों के करीब 1000 संस्थाओं व 88 निजी चिकित्सालयों में टीकाकरण होगा

प्रदेश में एक मार्च से प्रदेश में 2.0 कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत होने जा रही है। नए चरण में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में कोविड वैक्सीनेशन कराया जा सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी अस्पतालों के लिए कोविड-19 टीकाकरण की प्रति डोज की दर 250 रुपए निर्धारित की है, जो निजी अस्पतालों में कोविड-19 का टीका लगवाने वाले व्यक्ति द्वारा संबंधित अस्पताल को देनी होगी।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जिसमें 150 रुपये वैक्सीन कीमत और 100 रुपये निजी अस्पताल का सर्विस शुल्क शामिल है। निजी अस्पतालों को कोविड वैक्सीन सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी और अन्य सभी टीकाकरण सम्बन्धी व्यवस्था निजी अस्पताल की रहेगी।

1 मार्च से राज्य में डेढ़ लाख लोगों के टीका लगाने का लक्ष्य

चिकित्सा विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने रविवार को 2.0 वैक्सीनेशन प्रोग्राम के सबंध में राज्य के सभी सीएमएचओ व आरसीएचओ के साथ वीसी के माध्यम से बैठक ​की। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के करीब 1000 संस्थाओं व 88 निजी चिकित्सालयों में टीकाकरण किया जाएगा।

महाजन ने वीसी में अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थी अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण करवाएं। इसके लिए एसडीएम सहित सरपंच, टीचर, राशन डीलर्स का भी सहयोग लिया जाए। चिकित्सा सचिव ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पर दूसरी डोज के अतिरिक्त प्रथम डोज भी लगायी जाएगी।एक मार्च को प्रदेश में एक से डेढ़ लाख लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।

45 से 59 वर्ष की उम्र के सिर्फ इन व्यक्तियों को लगेगी वैक्सीन

चिकित्सा सचिव ने बताया कि 45 से 59 वर्ष की उम्र के जटिल बीमारियों से ग्रसित उन्हीं व्यक्तियों के टीके लगाए जा सकेंगे, जो कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सूचीबद्ध 20 बीमारियों में से ग्रस्त होंगे। ऐसे मरीज को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रक्टिनर्स (आरएमपी) स्तर से जारी चिकित्सकीय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। इन अनिवार्य चिकित्सकीय डॉक्यूमेंट के बिना व्यक्ति को इस चरण में टीकाकरण की सुविधा नहीं मिलेगी।

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