कॉम्पिटिशन से आबकारी विभाग की हुई चांदी: जयपुर में निवारू रोड का एक शराब का ठेका 10 करोड़ रुपए में छूटा, प्रतिस्पर्धा के चलते देर रात तक चली बोली


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जयपुर32 मिनट पहले

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जयपुर में शराब के ठेकों की बोली लगाने के लिए ठेकेदारों के एक समूह की ओर से तैयार की बिडिंग हॉल।

  • पूरे राजस्थान में दूसरे चरण की बोली में 1155 दुकानें बेची

राजस्थान में शराब के ठेकों का आवंटन करने के लिए बनाई नई आबकारी पॉलिसी लगता है सरकार के सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित होगी। बीते दो दिनों से ठेकों की नीलामी में जिस तरह का कॉम्पीटिशन हो रहा है, उससे आबकारी विभाग को 966 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। अभी तो 3 दिन और बोली के परिणाम आने बाकी है। बोली के दूसरे दिन की बात करे तो जयपुर में एक दुकान 10 करोड़ रुपए की बोली पर छूटी।

जिला आबकारी अधिकारी सुनील भाटी ने बताया कि निवारू रोड स्थित इस दुकान की बोली के लिए देर रात तक जबरदस्त कॉम्पीटिशन चला। इसके कारण 5.29 करोड़ रिजर्व प्राइज वाली इस दुकान को 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की बोली पर छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि जयपुर में दूसरे दिन 80 में से 77 दुकाने का आवंटन किया गया, जो कुल 288 करोड़ रुपए की बोली पर छूटी। वहीं राज्यभर की बात करें तो पूरे राजस्थान में दूसरे दिन 1155 दुकानें बेची गई, जिससे आबकारी विभाग को 1882 करोड़ का राजस्व मिलेगा। आबकारी आयुक्त जोगाराम ने बताया कि दूसरे दिन न्यूनतम रिजर्व प्राइज से 453.98 करोड़ रुपए अधिक मिलेगा।

आपको बता दें कि इस बार राज्य सरकार ने आगामी वित्त वर्ष 2021-22 में शराब की बिक्री, लाइसेंस फीस सहित अन्य मदों से कुल 13 हजार करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। इसके चलते इस बार सरकार ने नई पॉलिसी जारी करते हुए कई अहम बदलाव किए है।

डूंगरपुर क्षेत्र की दुकानों के लिए नहीं मिले खरीददार

गुजरात सीमा से महज 4 से 8 किलोमीटर की दूरी पर जो दुकानें आवंटित की जानी है, उसको लेकर कोई खरीददार नहीं मिल रहा। आबकारी विभाग ने सीमावर्ती जिला डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा, खजूरी और पूनावारा में तीन दुकानें सबसे सेल के लिहाज से सबसे अहम मानते हुए उनकी रिजर्व प्राइज 10 करोड़ रुपए से अधिक रखी थी। खजूरी क्षेत्र की दुकान प्रदेश की सबसे महंगी दुकान रखी है, जिसकी रिजर्व प्राइज 18.99 करोड़ रखी है। इसके अलावा पूनावारा की 11.85 और बिच्छीवाड़ा की 10.15 करोड़ रुपए रखी है, लेकिन बीते दो दिनों में इन दुकानों को खरीदने के लिए भी बोली लगाने नहीं आया।

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