कैप्टन का अब तक कुछ पता नहीं: पानी में देखने वाले कैमरों से अब कमांडो अंकित की तलाश, 15 नावों में सवार 200 की टीम जलाशय में खोज रही


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जोधपुर15 दिन पहले

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कैप्टन अंकित गुप्ता। फाइल फोटो

  • तखत सागर में सेना ने सोमवार को फिर से शुरू किया खोज अभियान
  • 20 गोताखोरों व विशेषज्ञों की टीम को विशेष रूप से जोधपुर बुलाया

सेना ने सोमवार सुबह पहले से कहीं अधिक तैयारियों के साथ जोधपुर के तखत सागर जलाशय में पांच दिन पूर्व डूबे कैप्टन अंकित गुप्ता की खोज का अभियान शुरू किया। सेना ने गोताखोरों के साथ पानी में देखने वाले कुछ कैमरे मंगाए हैं। आज इनकी सहायता से अभियान शुरू किया गया है। 200 से अधिक लोग 15 नाव में सवार होकर खोज अभियान में जुटे हैं।

मार्कोस कमांडो व गोताखोरों को सफलता मिलती नहीं देख सेना ने आज 20 गोताखोरों व विशेषज्ञों की टीम को विशेष रूप से जोधपुर बुलाया। यह टीम अपने साथ पानी में देखने वाले कैमरे भी लेकर आई है। इन कैमरों को पानी में डाल नाव में बैठ विशेषज्ञ पानी के भीतर का पूरा नजारा देख कैप्टन अंकित गुप्ता की तलाश करेंगे। सेना ने कल देर रात 12 बजे तक खोज अभियान चलाया। आज दिन निकलते ही एक बार फिर से अभियान शुरू किया गया। सेना के साथ एनडीआरएफ की टीम भी कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान में जुटी है। खोज में जुटे विशेषज्ञों के लिए कैप्टन अंकित को खोज पाना बहुत बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। गोताखोरों ने पूरा तखत सागर छान मारा, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली।

46 फीट भरा है पानी

61 फीट भराव क्षमता वाले तखत सागर में इस समय 46 फीट पानी भरा हुआ है। इसका तल समतल नहीं होकर पहाड़ी क्षेत्र है। साथ ही इसमें बहुत अधिक झाड़ियां उगी हुई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पानी की गहराई में जाने के दौरान अंकित इनके बीच में कहीं फंस गए होंगे। इसे ध्यान में रख आज गोताखोर नए सिरे से झाड़ियों में उन्हें तलाश कर रहे हैं।

ऐसे हुआ हादसा

पैरा कमांडो स्पेशल फोर्सेज का पूरे साल अभ्यास चलता रहता है। डेजर्ट वारफेयर में महारत रखने वाली 10 पैरा के कमांडो को एक हेलिकॉप्टर से पहले अपनी बोट को पानी में फेंक स्वयं भी कूदना था। इसके बाद उन्हें बोट पर सवार होकर दुश्मन पर हमला बोलना था। इस अभियान के तहत कैप्टन अंकित के नेतृत्व में 4 कमांडो ने तखत सागर जलाशय में गुरुवार को पहले अपनी नाव को फेंका और उसके बाद खुद भी पानी में कूद पड़े।

तीन कमांडो तो नाव पर पहुंच गए, लेकिन कैप्टन अंकित नहीं पहुंच पाए। उनके साथ कमांडो ने थोड़ा इंतजार करने के बाद किसी अनहोनी की आशंका से स्वयं पानी में उतर खोज शुरू की। साथ ही अपने अन्य साथियों के माध्यम से जोधपुर स्थित मुख्यालय पर सूचना दी। इसके बाद 10 पैरा के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और खोज अभियान शुरू किया।

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