कैप्टन अंकित सर्च ऑपरेशन: कंप्रेशरों की मदद से तखतसागर में उठने लगी हिलोरें, नीचे के पानी के साथ ऊपर आ सकता है कमांडो का शव


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जोधपुर13 दिन पहले

जोधपुर में सोमवार को कैप्टन अंकित गुप्ता की खोज के लिए चलाया जा रहा अभियान।

  • सेना ने अपनाया परम्परागत पुराना तरीका

जोधपुर में तखत सागर जलाशय में पांच दिन पहले डूबे कैप्टन अंकित गुप्ता की तलाश में जुटी सेना ने सोमवार दोपहर अपनी रणनीति को बदला। कैप्टन की तलाश के लिए तखत सागर पर चलाए जा रहे सबसे बड़े सर्च अभियान में अब सेना पूरे पानी को हिलाने में लगी है। बड़े-बड़े कंप्रेशरों की मदद से जलाशय के भूतल के पानी को ऊपर उठाया जा रहा है। इससे बड़ी हिलोरे उठ रही हैं। इन हिलोरों के साथ ही कैप्टन अंकित के शव को बाहर निकलने की उम्मीद है।

जोधपुर के 71 वर्षीय दाऊ मालवीय पिछले 50 साल से तखत सागर व कायलाना जलाशय में 800 से अधिक डूबे हुए लोगों को बाहर निकाल चुके हैं। कैप्टन अंकित के सर्च अभियान में सेना के साथ जुटे दाऊ ने बताया कि दोपहर बाद नई रणनीति बनाई गई। इसके तहत बड़े कंप्रेशर मंगाए गए। इन कंप्रेशरों पाइप को जोड़कर तखत सागर की गहराई तक पहुंचाया गया। कंप्रेशर की उच्च दाब वाली हवा से तल पर एकत्र पानी को हिलाया जा रहा है। ऐसा करने से नीचे का पानी ऊपर आएगा।

एक्सपर्ट को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से कैप्टन अंकित का शव भी बाहर निकल सकता है। दाऊ मालवीय का कहना है कि यह तकनीक 20 साल पहले उन्होंने उदयपुर की एक झील में काम ली थी। यह एक परम्परागत तरीका है। इसे कुछेक मामलों में ही काम में लिया जाता है। उनके कहने पर सेना ने जोधपुर में भी इसे आजमाने का फैसला किया। सेना कैप्टन अंकित की खोज के लिए सभी तरीकों को आजमा रही है। ताकि जल्द से जल्द सर्च ऑपरेशन पूरा हो सके। उम्मीद है कि इस नए तरीके से कुछ नतीजा मिल जाएगा।

46 फीट भरा है पानी

61 फीट भराव क्षमता वाले तखत सागर में इस समय 46 फीट पानी भरा हुआ है। इसका तल समतल नहीं होकर पहाड़ी क्षेत्र है। साथ ही इसमें बहुत अधिक झाड़ियां उगी हुई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पानी की गहराई में जाने के दौरान अंकित इनके बीच में कहीं फंस गए होंगे। इसे ध्यान में रख आज गोताखोर नए सिरे से झाड़ियों में उन्हें तलाश कर रहे हैं।

ऐसे हुआ हादसा

पैरा कमांडो स्पेशल फोर्सेज का पूरे साल अभ्यास चलता रहता है। डेजर्ट वारफेयर में महारत रखने वाली 10 पैरा के कमांडो को एक हेलिकॉप्टर से पहले अपनी बोट को पानी में फेंक स्वयं भी कूदना था। इसके बाद उन्हें बोट पर सवार होकर दुश्मन पर हमला बोलना था। इस अभियान के तहत कैप्टन अंकित के नेतृत्व में 4 कमांडो ने तखत सागर जलाशय में गुरुवार को पहले अपनी नाव को फेंका और उसके बाद खुद भी पानी में कूद पड़े।

तीन कमांडो तो नाव पर पहुंच गए, लेकिन कैप्टन अंकित नहीं पहुंच पाए। उनके साथ कमांडो ने थोड़ा इंतजार करने के बाद किसी अनहोनी की आशंका से स्वयं पानी में उतर खोज शुरू की। साथ ही अपने अन्य साथियों के माध्यम से जोधपुर स्थित मुख्यालय पर सूचना दी। इसके बाद 10 पैरा के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और खोज अभियान शुरू किया।

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