कृषि: रबी की फसल कटाई में जुटे धरती पुत्र, होली से पूर्व रायड़ा की मण्डी में रहेगी बंपर आवक


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मेड़ता सिटी2 मिनट पहले

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  • दस मार्च तक काट लेंगे फसल, मंडी में भाव बढ़ने की किसान जता रहे है उम्मीद, चेहरों पर खुशी

उपखंड में भले ही मावठा बारिश कम हुई है, लेकिन रायड़ा की बंपर पैदावार होने से किसानों की किस्मत चमकने की पूरी उम्मीद है। मेड़ता उपखंड में लगभग दो हजार हैक्टेयर में करोड़ाें रुपए से अधिक कीमत की रायड़ा की फसल की कटाई शुरू हो गई है। दरअसल रबी की फसलों की बुवाई के दौर के बीच बारिश सामान्य रही, बावजूद इसके रायड़ा की फसल पिछले वर्षों की अपेक्षा काफी अच्छी है।

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल मंडी में रायड़ा का भाव 5000 से 5500 रुपए प्रति क्विन्टल चल रहा है। अगर सीजन की शुरुआत से लेकर अंत तक मंडी भाव यही रहा तो मेड़ता उपखंड क्षेत्र में करोड़ों रुपए का रायड़ा पैदा होने की उम्मीद है। कोरोना महामारी के बाद आर्थिक तंगी झेल रहे किसानों की किस्मत चमकने और मंडी के बाजार की रौनक बढऩे की खासी उम्मीद है।

मार्च के प्रथम सप्ताह तक होगा कटाई कार्य, प्रति हैक्टेयर 20 क्विं. पैदावार की उम्मीद

किसान रायड़ा को सुखाने में व्यस्त
किसान फरवरी के पहले सप्ताह से ही रायड़ा की कटिंग कर खेतों में सूखा रहे हैं। वहीं अधिकांश किसान कटाई में व्यस्त है, जो पछेती फसल मार्च के प्रथम सप्ताह तक काट ली जाएगी। प्रति हैक्टेयर में 20 क्विंटल रायड़ा की पैदावार : कृषि विभाग के अधिकारी व किसानों के मुताबिक क्षेत्र की जलवायु में प्रति हैक्टेयर में 18 से 22 क्विंटल रायड़ा की पैदावार आसानी से हो जाती है। जानकारी के मुताबिक फरवरी माह की शुरुआत से आरंभ हुआ रायड़ा की फसल कटाई का दौर 10 मार्च तक चलेगा।
दो हजार हैक्टेयर से अधिक में हुई थी रायड़ा बुवाई

कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार मेड़ता सिटी उपखंड में वर्ष 2020-21 में रायड़ा की बुवाई 2000 हजार हैक्टेयर में की गई। ऐसे में गत वर्ष की अपेक्षा इस साल रायड़ा के भाव भी प्रति क्विंटल हजार रूपए अधिक होने से किसानों ने बुवाई भी रबी फसल में रायड़ा की अधिक की है।
होली पर बाजार में आएगा बूम
सूत्रों के अनुसार होली का त्यौहार 28 मार्च को है। जबकि रायड़ा की कटाई का दौर 10 मार्च तक समाप्त हो जाएगा। इसके बाद किसान अपनी फसल को मंडियों में बेचान के लिए लेकर पहुंचेंगे। इससे साफ प्रतीत होता है कि रंगों के त्यौहार के आसपास मण्डी में रायड़ा की आवक होने से बाजार में बूम आएगा। किसानों के हाथों में पैसा पहुंचेगा तो निश्चित तौर पर बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी। ऐसे में अब रोजगार बढने की संभावनाएं भी अपार हो गई हैं।
जल्द रायड़ा से लकदक होगी मेड़ता मंडी

  • मेड़ता में रायड़ा की फसल अच्छी है। एक हैक्टेयर में 18 से 22 क्विंटल रायड़ा पैदा होने का अनुमान है। भाव ठीक रहे तो मार्च से लेकर अप्रेल और मई माह में रायड़ा से किसान और व्यापारी खुशहाल हो जाएंगे। इनका कहना है क्लस्टर क्षेत्र मेड़ता एरिया डेगाना मूंडवा नागौर जायल व क्योंसर आदि क्षेत्र के 50 हजार 500 हैक्टेयर में इस बार सरसों की बुवाई की गई। इसका अनुमानित उत्पादन औसतन प्रति हेक्टेयर पर 18 से 20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर उत्पाद होने की संभावना है। गौरतलब है कि इस बार मौसम की अनुकूलता बनी रहने के कारण अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। – रामप्रकाश बेड़ा, कृषि अधिकारी।

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