कृषि कानूनों का विरोध: 16 दिन में 5500 किलोमीटर का सफर तय कर सरदारशहर पहुंची किसान संघर्ष यात्रा


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सरदारशहर15 दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • 16 दिन में 5500 किमी की यात्रा कर चूरू के सरदारशहर पहुंची किसान संघर्ष यात्रा

सरदारशहर। किसान संघर्ष यात्रा के संयोजक कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कृषि कानून लाकर ईस्ट इंडिया कंपनी के रूप में अडानी व अंबानी तैयार किए हैं। यह काला कानून देश में किसान विरोधी होने के साथ-साथ किसान युवा और छोटे व्यापारियों को बेरोजगार बनाने वाला है।

देश में मुगल शासन के दौरान विदेशी व्यापारी आए। व्यापार में शासकों से छूट मांग कर उसका लाभ उठाते हुए ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश पर राज स्थापित कर अनेक तरह के प्रतिबंध लगाकर किसानों मजदूरों और आमजन को भूखा मरने पर मजबूर कर दिया था। जिसके चलते देश में आजादी की लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। आज मोदी जी भी इन बड़े पूंजीपतियों को व्यापार के पूर्ण अधिकार देकर किसान मजदूर और युवाओं को बेरोजगार बनाने पर तुले हैं।

इसलिए यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं बल्कि देश के संविधान की रक्षा के लिए है। अतः 45 दिनों से देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर इस भयंकर सर्दी में आंदोलन कर रहे हैं। आवश्यकता है कि हम सभी उनका सहयोग कर इस काले कानून का विरोध करते हुए संविधान की रक्षा करें। मोदी सरकार इसे लागू इसलिए करेगी कि अब देश पर उक्त पूंजीपति हावी हैं।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने यह किसान संघर्ष यात्रा 16 दिन पूर्व शुरू की जिसके अंतर्गत अब तक हमने 5500 किमी की यात्रा कर हर गांव-गांव तक उक्त काले कानून से होने वाले नुकसान की जानकारी आम जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उनके साथ अखिल भारतीय सेवा दल के सचिव प्रकाश भरतीय, लालजी प्रसाद मिश्रा, प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र राजपुरोहित डेरी चेयरमैन लालचंद मुंड पूर्व उपप्रधान ताराचंद सहारण किशन सीवर सेवादल जिला अध्यक्ष संजय दीक्षित ने भी संबोधित किया। इससे पहले सरदार शहर पहुंचने पर किसान संघर्ष यात्रा का स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता अशोक सोनी, जाकिर हुसैन, संजय बुरडक, आशिक इकबाल, हेतराम प्रजापत, सलीम पिए, लालचंद सोनी, जगदीश धन्नावंशी, विशाल जाखड़, दौलतराम सारण, विक्रम बाजोरिया आदि ने स्वात किया।

रिपोर्ट: हनुमान वर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *