किसान महापंचायत के सियासी मायने: जयपुर में कल राकेश टिकैत की किसान महापंचायत,उपचुनाव की घोषणा के बाद इस जमावड़े में कांग्रेस देख रही सियासी फायदा


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जयपुर14 मिनट पहले

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राकेश टिकैत की कल जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में किसान महापंचायत (फाइल फोटो)

  • टिकैत की महापंचायतों में कांग्रेस खुद का फायदा देख रही, क्योंकि वे भाजपा को हराने की अपील कर रहे
  • कल महापंचायत के मंच से उपचुनाव को लेकर क्या ऐलानप होता है इस पर निगाहें

किसान आंदोलन के मुद्दे पर सियासत लगातार गरमाई हुई है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत की कल राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में किसान महापंचायत रखी गई है। किसान महापंचायत में बड़ी तादाद में भीड़ जुटाने की तैयारी चल रही है। तीन सीटों पर उपचुनावों की घोषणा के बाद राकेश टिकैत की राजधानी में हो रही पहली महापंचायत के सियासी मायने हैं। राकेश टिकैत कल की महापंचायत में तीन उपचुनावों को लेकर जो भी घोषणा करेंगे उसके ग्राउंड पर सियासी समीकरण जरूर प्रभावित होंगे। महापंचायत के मंच से कल उपचुनावों को लेकर जो भी ऐलान होगा उस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

कांग्रेस को टिकैत की सभाओं में खुद का सियासी फायदा दिख रहा है। टिकैत जहां भी जा रहे हैं हर सभा में भाजपा को हराने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस को इसीमें खुद का फायदा दिख रहा है। तीन उपचुनावों में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है ओर टिकैत की महापंचायत के मंच से भाजपा विरोधी जो भी ऐलान होगा कांग्रेस उसमें अपना सियासी फायदा देख रही है। अगर तीसरा मोर्चा अपना उम्मीदवार उतारता है तो ऐसी दशा में कांग्रेस के समीकरण गड़बड़ा जाएंगे लेकिन फिलहाल इसकी संभावना नहीं है।

टिकैत की महापंचायत को कई संगठनों का समर्थन
राकेश टिकैत की कल की महांपचायत को कई संगठनों ने समर्थन दिया है। कई राजनीतिक, सामाजिक संगठन पहले की सभाओं में साथ थे, अब कुछ और जुड़े हैं। किसान महापंचायत के लिए जनसंपर्क अभियान में लगे गुरचरण मोर ने कहा कि जयपुर के तकरीबन 250 से ज्यादा संगठन अब तक इस किसान महापंचायत को समर्थन दे चुके है और कई लगातार संगठनों का जुड़ना जारी है। महापंचायत को सीपीआई, सीपीएम, भीम आर्मी, राजस्थान जाट महासभा, जमीयअत उलेमा ए हिन्द,अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, एटक, इंटक, सीटू, एक्टू, ने समर्थन दिया है। टिकैत इससे पहले अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनू, गंगानगर, हनुमानगढ,नागौर, जोधपुर, करौली ​जिलों में महापंचायतें कर चुके हैं।

कांग्रेस खुलकर साथ नहीं लेकिन सॉफ्ट कॉर्नर

राकेश टिकैत की महापंचायत में कांग्रेस खुलकर साथ नहीं है, लेकिन कांग्रेस का सॉफ्ट कॉर्नर जरूर इन महापंचायतों के प्रति है। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि राजस्थान में फिलहाल टिकैत की महापंचायतों से उसे फायदा है। टिकैत हर महापंचायत में किसानों से भाजपा को हराने की अपील कर रहे हैं इसलिए पर्दे के पीछे से कांग्रेस भी साथ दे रही है।
विद्याधर नगर स्टेडियम में तैयारियां पूरी, भगत सिंह के बलिदान दिवस पर बसंती रंग के कपड़े पहनकर आने की अपील

23 मार्च क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह का बलिदान दिवस है, इसलिए महापंचायत आयोजकों ने शहादत दिवस को किसानों के बीच स्टेडियम में मनाने का फैसला किया है। महापंचायत में आने वाले युवाओं बसंती रंग के साफे, शर्ट, टी-शर्ट और अन्य कपड़े पहनकर किसान महापंचायत में आने को कहा है।

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