किसान ध्यान दें: बांग्लादेश-भारत के मध्य जीराे लाइन पर डिलीवरी को लेकर अटकी किन्नू ट्रेन


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श्रीगंगानगर2 मिनट पहले

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  • इस सीजन में किन्नू स्पेशल ट्रेन चलने की उम्मीद कम

बांग्लादेश-भारत की सीमा जीराे लाइन पर किन्नू की डिलीवरी देने की बात काे लेकर श्रीगंगानगर से किन्नू स्पेशल ट्रेन चलाने की बात अटक गई है। पश्चिम बंगाल के बनगांव रेलवे स्टेशन से बांग्लादेश के ट्रकाें काे किन्नू लदान करने की अनुमति नहीं मिलने व किन्नू के ऑफ हाेते सीजन काे देखते हुए इस सीजन में किन्नू स्पेशल ट्रेन चलने की संभावना अब कम है। हालांकि किन्नू काराेबारियाें काे उम्मीद है कि आगामी सीजन में वे बांग्लादेश ट्रकाें की बजाय ट्रेन से किन्नू पहुंचा पाएंगे।

श्रीगंगानगर जिले में किन्नू का बंपर उत्पादन है तथा यहां से किन्नू ट्रकाें से बांग्लादेश, नेपाल व देश के पश्चिम बंगाल, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, केरल, महाराष्ट, सहित विभिन्न राज्याें में भेजा जाता है। किन्नू के काराेबार काे देखते हुए श्रीगंगानगर से बांग्लादेश किन्नू भेजने के लिए किन्नू स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू करने के लिए किन्नू क्लब के सदस्याें ने रेलवे के अधिकारियाें से चर्चा शुरू की।

रेलवे मंडल बीकानेर के डीआरएम ने भी श्रीगंगानगर का दाैरा कर किन्नू क्लब के सदस्याें व काराेबारियाें तथा किसानाें के साथ बैठक की तथा किन्नू स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू करने की संभावनाओं काे तलाशा। रेलवे अधिकारियाें ने किन्नू काराेबार काे देखते हुए व्यापारियाें काे मांग पर दाे दिन में रैक उपलब्ध करवाने का अाश्वासन दिया। लेकिन जीराे लाइन पर ट्रेन से सीधे किन्नू पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हाेने से ट्रेन संचालन लेकर बात अटक गई।

बड़ी समस्या यह- बनगांव से बांग्लादेश तक कैसे जाएगा किन्नू

रेलवे ट्रैक पश्चिम बंगाल के बनगांव तक है। यहां से बांग्लादेश बाॅर्डर जीराे लाइन 10 किमी की दूरी पर है। इससे आगे जीराे लाइन तक ट्रकाें से किन्नू भेजने व जीराे से लाइन पर बांग्लादेश के ट्रकाें काे किन्नू की आपूर्ति देने पर व्यापारियाें ने मंथन किया तथा किन्नू ट्रेन से अनलाेड कर ट्रकाें में लाेड करने व फिर जीराे लाइन पर बांग्लादेश के ट्रकाें में किन्नू लाेड करने की प्रक्रिया काे देखते हुए व्यापरियाें ने सरकार से बांग्लादेश के ट्रकाें काे बनगांव स्टेशन तक आने की स्पेशल मंजूरी देने की मांग रखी। पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद निहालचंद ने भी इस संबंध में विदेश मंत्री से बात की, लेकिन ऑफ हाेते सीजन काे देखते हुए स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई जा सकी।

जिले में 10981 है. बुवाई क्षेत्र व 2.80 लाख एमटी किन्नू उत्पादन

जिले में 10981 हैक्टेयर किन्नू का बुवाई क्षेत्र है। तथा 2.80 लाख एमटी किन्नू का उत्पादन है। इसके अलावा सीमावर्ती पंजाब सीमा में भी किन्नूू के बाग है तथा यहां से भी किन्नू हमारे यहां मंडियाें में बिकने के लिए आता है। किन्नू के बंपर उत्पादन व बेहतर क्वालिटी काे देखते हुए किन्नू की मांग भी अन्य राज्याें व देशाें में अधिक है।

आगामी सीजन में किन्नू स्पेशल ट्रेन चलने की पूरी संभावना, इस बार प्रयास देरी से हुए

किन्नू का हमारे यहां बंपर उत्पादन है तथा ट्रेन से बांग्लादेश किन्नू भेजना भी संभव है। इस बार किन्नू स्पेशल ट्रेन चलाने के प्रयास देरी से शुरू हुए। आगामी सीजन में ट्रेन से किन्नू बांग्लादेश भेजने की की पूरी तैयारी है। बांग्लादेश के ट्रकाें काे बनगांव स्टेशन से किन्नू लदान की स्वीकृति भी मिल जाएगी। – भीम शर्मा, सदस्य, जैडआरयूसीसी, श्रीगंगानगर।

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