किसान की मेहनत हुई ‘हवा’: दो दिन पहले खेत में काटी थी चने की फसल, रात को आए तूफान में उड़ गया सारा चना


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बीकानेर15 मिनट पहले

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बीकानेर के जवाहर नगर क्षेत्र में लोडामोडा बगीची के पास सड़क गिरा पेड़।

पाकिस्तान की तरफ से आये तूफान ने सोमवार की मध्य रात्रि बीकानेर जिले की लगभग सभी तहसीलों में जमकर तांडव किया। कुछ दिन पहले ही खेत में लहलहाती फसल को काटकर रखा था ताकि मंडी में बेचने के लिए तैयार कर सकें। तूफान में फसल ऐसे उड़ गई, जैसे वहां कुछ था ही नहीं। किसानों की पिछले छह महीने की मेहनत बेकार हो गई है। खासकर चने की फसल कटाई के बाद खेत में पड़ी थी। एक अनुमान के मुताबिक हजारों बीघा में फैली फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है।

बीकानेर शहर में रात करीब डेढ़ बजे तूफान का भयंकर रूप देखने को मिला। रात के अंधेरे में तेज हवाओं ने लोगों की आंख खोल दी। घर की छत पर रखा सामान उड़ गया तो कई पेड़ भी जमीन पर आ गिरे। लोडा मोडा बगीची के पास भी एक पेड़ गिर गया। गजनेर रोड पर भी कई जगह पेड़ गिरने से रास्ता बाधित हुआ। रात के समय विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बंद रही।

खाजूवाला में जमीन पर गिरा पेड़। फोटो : इस्माइल खान

खाजूवाला में जमीन पर गिरा पेड़। फोटो : इस्माइल खान

खाजूवाला में ही तूफान से दीवार ढही तो ट्रेक्टर भी चपेट में आ गया।

खाजूवाला में ही तूफान से दीवार ढही तो ट्रेक्टर भी चपेट में आ गया।

खाजूवाला क्षेत्र में देर रात आए तूफान ने तबाही मचाई। 70 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आये आँधी-तूफान से किसान को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पकाव पर आयी गेंहू व कटी सरसों की फसलों को यहां से उड़ गई। कई जगह मिट्‌टी के नीचे दब गई। सड़कों के किनारे लगे पेड़ उखड़ कहीं सड़कों पर गिर गए तो कहीं नहर में जा गिरे। क्षेत्र में बिजली के पोल व ट्रांसफार्मर भी गिर गए हैं। जिससे अधिकांश क्षेत्रों में सुबह तक बिजली की सप्लाई ठप रही। खाजूवाला में कई दुकानों पर लगे टीन शेड भी रात में उड़ गए।

लूणकरनसर में कुछ इस तरह जमींदोज हो गई किसान की छह महीने की मेहनत। फोटो : रामप्रतापत

लूणकरनसर में कुछ इस तरह जमींदोज हो गई किसान की छह महीने की मेहनत। फोटो : रामप्रतापत

लूणकरनसर के जैतपुर में बर्बाद हुई फसल कुछ इस तरह नजर आई।

लूणकरनसर के जैतपुर में बर्बाद हुई फसल कुछ इस तरह नजर आई।

लूणकरनसर में भी तूफान ने तबाही के कई मंजर दिखाये हैं। खेत में खड़ी फसल कहीं उड़ गई तो कहीं जमींदोज हो गई। जिस किसान ने फसल को खुला रखा हुआ था वो उड़ गई है, वहीं जहां बंडल बनाकर रखा गया, वहां फसल के ऊपर इतनी मिट्‌टी चढ़ गई है कि वो दिख ही नहीं रही। जमींदोज हुई फसल भी अब काम की नहीं रही।

खाजूवाला के बाजार में दुकानों पर लगे टीनशेड तक उड़ गए।

खाजूवाला के बाजार में दुकानों पर लगे टीनशेड तक उड़ गए।

छत्तरगढ़ इलाके में भंयकर तूफान से जनजीवन प्रभावित भारी मात्रा में पेड़ पोधो के अलावा खम्भे गिरे रहे है। यहां भी फसल को भारी नुकसान हुआ है। खासकर खेत में रखी सरसो और गेहूं की नष्ट हो गई है। छत्तरगढ़ के आसपास के गांवों में भी तूफान से भारी नुकसान की खबरें आ रही है।

श्रीकोलायत में भी तूफान ने अपना असर दिखाया है। यहां भी खेत में खड़ी फसल टूट कर बिखर गई है। क्षेत्र में कई जगह ईसबगोल व चने की खेती होती है। जिन लोगों ने दो दिन पहले चना काटकर रखा था, वो गायब हो गया है। क्षेत्र के किसान मदन गोपाल बताते हैं कि फसल दो-तीन दिन में ही मंडी में भेजने की तैयारी थी लेकिन अब तो भेजने के लिए कुछ बचा ही नहीं।

नोखा में तूफान से फसल के साथ ही पेड़ों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों पुराने पेड़ जड़ छोड़कर नीचे आ गिरे हैं। नोखा में कई जगह फसलों को नुकसान हुआ है। तहसील मुख्यालय पर भी देर रात तूफान का प्रकोप रहा। बिजली आपूर्ति भी रात को गड़बड़ा गई। नोखा में अंधड़ के कारण घरों में रेत ही रेत हो गई। सुबह से महिलाओं को खासा परेशान होना पड़ा।

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