किसानों में बैचेनी: कृषि कानून कारपोरेट घरानों के लिए, आम आदमी महंगाई की चपेट में आएगा: मोहन प्रकाश


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चित्तौड़गढ़21 दिन पहले

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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश को स्वागत करते हुए।

  • कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा-कृषि कानूनों के विरोध में 15 को देश के सभी राज्यों में किसान सम्मेलन कर राजभवन के लिए कूच करेंगे

अभा कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मोहन प्रकाश ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के बनाए कृषि कानून असल में कारपोरेट कानून हैं, जो चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाएंगे। आम उपभोक्ता महंगाई की चपेट में आएगा। इनके विरोध में कांग्रेस 15 जनवरी को हर राज्य में किसान सम्मेलन कर राजभवन पहुंचेगी।

मोहनप्रकाश ने कृषि कानूनों के विरोध में रविवार शाम पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से देशभर के किसानों में बैचेनी है, लेकिन मोदी सरकार को कोई चिंता नहीं है। किसान इतनी तेज सर्दी, ओलावृष्टि में भी 45 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत है। अब तक 60 किसान शहीद हो चुके हैं। इन कानूनों से देश की 80 फीसदी आबादी प्रभावित होगी। करीब 25 से 30 लाख करोड का व्यापार बंद हाेकर कुछ पूंजीपतियों के हाथ में चला जाएगा। आम उपभाेक्ता महंगाई की चपेट में आ जाएंगे। सरकार का आवश्यक खाद्यान तेल, दाल, आलू, प्याज से नियंत्रण हट जाएगा। स्टाक लिमिट हटाने से जैसे ही फसल आएगी। उसे चंद लोग सस्ते में खरीद लेंगे।

बाद में बाजार की डिमांड के अनुसार दरें तय करेंगे। मोहनप्रकाश ने सवाल उठाया कि इन कृषि बिल के लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा एक्ट और सार्वजनिक वितरण प्रणाली कैसे चालू रह पाएगी। किसानों को एमएसपी पर लिखित आश्वासन की बातें तो कही जा रही है लेकिन सरकार मुख्य बिन्दू पर कोई बात नहीं कर रही है। ऐसा लग रहा है कि मोदी सरकार के फैसले खुद नहीं लेकर कुछ अन्य आका ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुददे को कांग्रेस ने पहले भी उठाया और अभी भी किसानों के साथ है। कांग्रेस 15 जनवरी को हर राज्य में किसान सम्मेलन कर राजभवन की ओर कूच करेगी। कांग्रेस ने बिल के विरोध में दो करोड हस्ताक्षर वाला ज्ञापन भी राष्ट्रपति को दिया है।

एआईसीसी सदस्य पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाडावत ने कहा कि 47 दिन से किसान आंदोलनरत है लेकिन मोदी सरकार निष्ठुर बनी हुई है। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि पीसीसी व सीएम ने निर्देश दिए थे कि विधायक व मंत्री अपने क्षेत्र में जनजागरण रैली करें। इसके तहत आज निम्बाहेडा में ट्रैक्टर रैली निकाली गई। इस दौरान पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, शहर अध्यक्ष प्रेमप्रकाश मूंदडा, पूर्व नपा चेयरमैन रमेशनाथ योगी, कपासन प्रधान भैरूलाल चौधरी आदि मौजूद थे।

वैक्सीन या राज्य सरकार पर संकट के बारे में चुप्पी साध गए मोहन प्रकाश
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहनप्रकाश ने राज्य की कांग्रेस सरकार व कोरोना वैक्सीन के बारे में सवाल पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। माेहनप्रकाश ने कहा कि राज्य के बारे में जानकारी तो प्रदेश प्रभारी अजय माकन देंगे. आज वह कृषि कानूनों के अलावा अन्य किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे।

भाजपा किसानों को बदनाम न करें
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहनप्रकाश ने कहा कि किसान अपने हक की लडाई लड रहा है तो उसे खालिस्तानी, आतंकवादी कहते हुए कहा जा रहा है कि दो राज्य के किसान ही आंदोलन में है। ये गलत है। पूरे देश का किसान इस आंदोलन से जुडा हुआ है। अन्नदाता को बदनाम न किया जाएं। एक चाय वाला दस लाख का सूट पहन सकता है तो किसान जिंस नहीं पहन सकता। सरकार को कुछ करना था तो इस बिल का अध्यादेश लाकडाउन में क्यों जारी किया और राज्यसभा में बिना चर्चा के क्यों पास कराया।

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