कांग्रेस की बैठक में मंत्री के तल्ख तेवर: प्रचार की पेशकश करने वाले नेताओं पर बरसे रघु शर्मा, कहा- सहाड़ा कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है, जो कोई भी चला आए


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  • Raghu Sharma Sahada Is Not A Picnic Spot That No One Comes To, In The Presence Of The State in charge From The Leaders Who Offered Publicity.

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जयपुर4 घंटे पहले

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प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रभारी अजय माकन-प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उपचुनाव की रणनीति पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक की।

  • सुझाव देने वाले नेताओं पर ही मंत्री के तल्ख तेवरों की कांग्रेसी हलकों में चर्चाएं

राजस्थान में तीन सीटों के लिए होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। सोमवार को बुलाई गई बैठक में भीलवाड़ा के प्रभारी चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने उपयोगी सुझाव देने वाले नेताओं को ही तल्ख लहजे में जवाब दे दिया।

बैठक में पूर्व मंत्री और खेतड़ी से विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह सहित तीन नेताओं ने सहाड़ा सीट पर खुद के सपंर्क होने का हवाला देकर प्रचार की पेशकश की। इस पर प्रभारी अजय माकन और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की मौजूदगी में रघु शर्मा ने कहा, ‘सहाड़ा कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है जो कोई भी चला आए। हम जब जरूरत समझेंगे तो बुला लेंगे, जिनकी जरूरत होगी उन्हें ही बुलाया जाएगा।’ मंत्री के इस रुख को देख हर कोई हैरान रह गया।

उपचुनाव में ग्रासरूट स्तर पर प्रचार अभियान तेज करने को लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बैठक में नेताओं से सुझाव ले रहे थे। माकन और डोटासरा ने जिन नेताओं के तीन विधानसभा उपचुनाव वाले क्षेत्रों में पारिवारिक या अन्य किसी तरह का संपर्क हो तो वहां उन्हें भेजे जाने पर सुझाव मांगे। इस पर खेतड़ी विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘भीलवाड़ा में मेरा ननिहाल है। सहाड़ा में मेरे अच्छे संपर्क है और मुझे सहाड़ा भेजा जाता है तो पार्टी को चुनावों में फायदा होगा, मैं मेरे संपर्कों का इस्तेमाल करके वोट दिलवाउंगा।’ इसके बाद प्रदेश कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह सांखला और फिर सचिन सरवटे ने सहाड़ा में खुद के संपर्क होने का हवाला देकर प्रचार के लिए जाने की पेशकश की।

जब तीन नेताओं ने सहाड़ा में प्रचार करने की पेशकश की तो सहाड़ा के चुनाव प्रभारी रघु शर्मा ने बिना प्रभारी मंत्री की मंजूरी के किसी को भी नहीं भेजने की बात कही। रघु शर्मा की तल्खी देखने के बाद प्रदेशाध्यक्ष ने टॉपिक बदला और चुनाव मैनेजमेंट से जुड़े मसलों पर बात करने लगे।

बैठक में किसी ने जवाब नहीं दिया, लेकिन कई नेताओं को मंत्री का एटीट्यूड चुभा
बैठक में मौजूद किसी नेता ने रघु शर्मा को उस वक्त जवाब नहीं दिया, लेकिन मंत्री का इस तरह का एटीट्यूड कई नेताओं को चुभ गया। यही वजह रही कि आज की बैठक के बाद कई नेता इस पर चर्चा कर रहे थे। एक नेता ने बैठक के बाद नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा कि जब उपचुनाव में मदद की पेशकश करने पर अपने ही साथियों के साथ मंत्रियों का प्रभारी-प्रदेशाध्यक्ष के सामने यह बर्ताव है तो, आप समझ सकते हैं इनका व्यवहार सामान्य कार्यकर्ताओं के साथ कैसा रहता होगा। कांग्रेस में मंत्रियों के व्यवहार पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

तल्खी के सियासी मायने
रघु शर्मा की इस तल्खी को लेकर कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। प्रदेश प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष के सामने किसी मंत्री का तल्खी और डोमिनेटिंग एटीट्यूड दिखाना कई सियासी इशारे करता है। अब तक असंतुष्ट नेता इस तरह तल्खी दिखाते आए हैं। रघु शर्मा के इन तल्ख तेवरों के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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