कांग्रेस की पेनड्राइव राजनीति से घमासान: कांग्रेस के पार्षदों ने उनकी ही पार्टी की सभापति को कहा सदन में चला दूं ये पेनड्राइव, एक घण्टे बाद सभापति ने कहा अब तो चला ही दो


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अलवर43 मिनट पहले

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पार्षद विक्रम यादव सभापति बीना गुप्ता को मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी देते हुए।

  • अवैध निर्माण पर सभापति ने कहा पार्षद ही फोन करते हैं कि ये मेरा आदमी है

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधाी के राजस्थान में दो दिवसीय के दौर के बाद अलवर में कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच रविवार काे घमासान देखने काे मिला। कांग्रेसियों की आपसी पेनड्राइव राजनीति सामने आई है। रविवार को नगर परिषद अलवर में बजट को लेकर बोर्ड की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस के पार्षदों ने उनकी ही पार्टी की सभापति बीना गुप्ता को इतना घेर लिया कि विपक्षी भाजपा पार्षदों को मौका ही नहीं मिला। आपसी खींचतान यहां तक आ गई कि पार्षद अजय मेठी ने हाथ में पेनड्राइव लिया और सभापति से कहा कि इसको चला दूंगा तो सबके चेहरे से नकाब हट जाएगा। कांग्रेस के पार्षद विक्रम यादव ने तो सभापति के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दे डाली। लेकिन, जब पार्षदों ने अलवर शहर में अवैध निर्माण में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया तो सभापति ने सबको लपेटे में ले लिया। सभापति बोली मानती हूं शहर में अवैध निर्माण हो रहे हैं। लेकिन, इसके जिम्मेदार पार्षद ही हैं। उनका खुद का फोन आता है। ये मेरे आदमी का निर्माण हो रहा है। अजय मेठी, विक्रम यादव व प्रीतम का नाम तक ले डाला। इसके बाद तो हंगामा इतना बढ़ गया कि कांग्रेस पार्षद व सभापति बीना गुप्ता आमने-सामने हो गए। पार्षद अजय मेठी ने दुबारा वैल में आकर पेनड्राइव को हाथ में लेकर दिखाया। करीब एक घण्टे बाद तो सभापति ने कह दिया कि पेन ड्राइव को सदन में ही चलाया जाए। हालांकि बाद में उप सभापति घनश्याम गुर्जर व पार्षद अजय पूनिया ने दूसरे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी।

निर्दलीय पार्षद अयज पूनिया ने सभापति व आयुक्त को सफाई के ठेकों की एनआईटी लगाए जाने पर घेरा। कर्मचारियों को भी फटकारा।

निर्दलीय पार्षद अयज पूनिया ने सभापति व आयुक्त को सफाई के ठेकों की एनआईटी लगाए जाने पर घेरा। कर्मचारियों को भी फटकारा।

अजय मेठी व महिला पार्षद ने सभापति को घेरा
सबसे अधिक पार्षद अजय मेठी ने सभापति को घेरा। शुरूआत में अजय मेठी कुछ बोलना चाह रहे थे। उसी बीच में सभापति ने कहा दिया कि दो मिनट से अधिक कोई नहीं बोलेगा। इसके बाद मेठी ने कहा कि आप जिसे बोलने देना चाह रही हो वो तो काफी देर बोल रहे हैं। हमें नहीं। फिर अजय मेठी ने हाथ में पेनड्राइव से भ्रष्टाचार का खुलासा करने और सभापति के चुनाव में पैसे के बंटवारे को इशारों में कहा। मेठी ने हाथ के इशारे से सभापति से कहा कि आप हमेशा कहती हैं कि मैं तो व्यवस्था से चुनकर आई हूं। मतलब पैसे से। दो बार मेठी ने बोलते हुए इसी तरह के इशारे से चुनाव में पैसे की व्यवस्था को जगजाहिर किया।

जब सभापति ने कहा कांग्रेस पार्षद नहीं चाह रहे बैठक हो
बैठक में थोड़ा सा हंगामा होते ही जब सभापति बीना गुप्ता ने यह कहा कि हमारे कांग्रेसी पार्षद बैठक नहीं होने देना चाह रहे। इसके बाद तो पार्षद व पूर्व नेता प्रतिपक्ष नरेन्द्र मीणा ने कहा कि मैडम इन कांग्रेस के पार्षदों ने ही आपको सभापति बनाया है। आप इन पर हीआरोप लगा रही हैं। इसके बाद मेठी ने सदन में पेनड्राइव राजनीति खड़ी कर दी। हर कोई यह जानना चाह रहा था कि इस पेनड्राइव में क्या है? लेकिन सभापति के कहने के बाद भी उसे चलाया नहीं गया।

नगर परिषद बोर्ड की बैठक में मौजूद शहर विधायक संजय शर्मा, सभापति बीना गुप्ता व उप सभापति घनश्याम गुर्जर सहित पार्षदगण।

नगर परिषद बोर्ड की बैठक में मौजूद शहर विधायक संजय शर्मा, सभापति बीना गुप्ता व उप सभापति घनश्याम गुर्जर सहित पार्षदगण।

देवेन्द्र कौर ने सभापति को घेरा
अजय मेठी के बाद कांग्रेस की ही पार्षद देवेन्द्र कौर ने सभापति को घेरा। साफ कहा कि अजय मेठी सही कह रहे हैं। सभापति ने बकवास नहीं करने की बात गलत बोली है। यहां कोई बकवास करने नहीं आया। सभापति सदन की मुखिया हैं। सभापति के लिए सब पार्षद बराबर हैं। मेरे वार्ड में सभापति एक दिन नहीं आई और भाजपा के शहर विधायक संजय शर्मा ने बोरिंग स्वीकृत की। इसी तरह पार्षद विक्रम यादव ने भी विधायक की ओर से बोरिंग स्वीकृत होने की बात कही। अन्य पार्षदों ने भी शहर विधायक की कार्यशैली की तारीफ की।

अवैध निर्माण के बाद बिगड़ा सबका खेल
निर्दलीय पार्षद अजय पूनिया ने जब अवैध निर्माण का मसला छेड़ा तो परिषद के कर्मचारियों से लेकर, सभापति, पार्षद, आयुक्त सहित अन्य पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। कुछ पार्षदों ने सभापति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अवैध निर्माण होने का जिक्र किया। एक के बाद एक करके कई बड़े अवैध निर्माण गिनाए। इसके बाद सभापति ने पार्षदों की पोल खोल दी। नाम लेकर कहा कि ये पार्षद ही अवैध निर्माण कराते हैं। कार्रवाई के समय पार्षदों के फोन आते हैं। जिन पार्षदों का नाम लिया वे वैल में आ गए। उन्होंने सभापति पर मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दे डाली। बैठक में कई अन्य पार्षदों ने सफाई, रोडलाइट व अतिक्रमण के मसले उठाए। बजट पर कोई बड़ी बहस या चर्चा नहीं हुई।

आपके शहर में कहां-कहां भ्रष्टाचार हो रहा, जानिए
– सिंगल फेज की बोरिंग लगा रहे, थ्री फेज का भुगतान हो गया।
– कागजों में सड़कें व नाले बना दिए गए।
– रोडलाइट व सफाई के ठेकों में बड़ी मिलीभगत।
– सफाई के ठेकों की एनआईटी में स्वच्छ भारत का पैसा लगा रहे।
– बार-बार सफाईकर्मियों को इधर से उधर कर रहे। इसके पीछे खेल।
– ऑटो टिप्पर की सर्विस बाहर से क्यों। जब वारंटी अवधि में। इंश्योरेंस का लाभ भी नहीं लिया।
– सफाईकर्मी बढ़ गए। फिर भी सफाई के ठेके की राश बढ़ाने के पीछे भ्रष्टाचार का आरोप।
– निर्माण में बड़ा खेल। अवैध निर्माण के पीछे कर्मचारी, पार्षद से लेकर अधिकारी मिले हुए।

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