ऐसा तीर्थ और कहीं नहीं: तपाेदय में भगवान पार्श्वनाथ की 12 फीट की गगनविहारी प्रतिमा, इस पर 226 कमल पुष्प चढ़ाते हैं इंद्रदेव


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भीलवाड़ा3 मिनट पहले

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भीलवाड़ा. बिजाैलिया के तपाेदय तीर्थ में भगवान पार्श्वनाथ की गगनविहारी 12 फीट ऊंची प्रतिमा जिसके आसपास कमल अर्पित करते इंद्र भी हैं। श्रद्धालु इसकी परिक्रमा करते हैं। – प्रेम उपाध्याय

  • बिजौलिया में तप कल्याणक में आए लोकसभा अध्यक्ष

तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ की समवशरण स्थली बिजाैलिया के तपाेदय तीर्थ में पंच कल्याणक प्रतिष्ठ महाेत्सव में रविवार काे तप कल्याक अनुष्ठान हुए। दिगंबर जैन संत सुधासागर महाराज की प्रेरणा से अतिशय क्षेत्र में जारी महाेत्सव में लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी पहुंचे। तीर्थ क्षेत्र में पार्श्वनाथ स्वामी की गगनविहारी 12 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है।

इसके इर्द-गिर्द गाेलाकार में 226 कलम पुष्प हैं। पीछे कतारबद्ध खड़े व तालाब रूपी पाैंड में विराजित इंद्रदेव प्रतिमाएं कमल पुष्प भगवान काे अर्पित करते हैं। कमल पुष्पाें के बीच इतनी विशाल गगनविहारी पार्श्वनाथ की प्रतिमा बिजाैलिया में ही है। क्षुल्लक धैर्यसागर के मुताबिक विंध्याचल की तलहटी में यह भीमवन क्षेत्र रहा है। केवल्य ज्ञान प्राप्ति पर पार्श्वनाथ यहीं तीर्थंकर बने। क्षेत्र का महत्व उत्तर पुराण और पार्श्व पुराण सहित प्राकृत व बाेधि ग्रंथाें में हैं।

कमठकृत प्रतिमा भी तपाेदय तीर्थ में आस्था की केंद्र है। गगनविहारी प्रतिमा की ठीक पीछे गुफा बनाई जा रही है। गुफा के ऊपर यह विशाल प्रतिमा प्रतिष्ठित है। जिस पर राक्षस पाषाण से प्रहार करते व नाग-नागिन धरणेंद्र-पद्मावति भगवान काे सुरक्षा कवच बने उत्कीर्ण हैं।

पुस्तक विमोचन करते लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला।

पुस्तक विमोचन करते लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला।

सरकार में धर्म मंत्री और अलग बजट की जरूरत

सुधासागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि भारत विश्व गुरु धर्म व अध्यात्मिक के बल पर ही बन सकता है। न कि राजनीति के बल पर। सरकार में धर्मरक्षक मंत्री पद होना चाहिए और अलग से बजट हाे। मुख्य अतिथि लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि मैं तपोदय तीर्थ क्षेत्र में उपस्थित हुआ हूं। जहां मुनि सुधासागर का प्रवास होता है वहां धरती तीर्थ बन जाती है। उन्हाेंने कहा कि बिजाैलिया में बना यह सुंदर मंदिर आस्था क्षेत्र के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हाेगा। इससे पहले बिड़ला का श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्यों ने हेलीपेड पर स्वागत किया। बिड़ला ने सुधासागर वाणी ग्रंथ का विमोचन भी किया।

जीवन जीने की कला पर नृत्य नाटिका

दाेपहर में पांडाल में भगवान पार्श्वनाथ से जुड़े विभिन्न प्रसंगाें पर नृत्यनाटिकाएं हुईं। मध्यप्रदेश के अशाेक नगर से अाए प्रदीप भैया के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्याभिषेक व शांतिधारा की गई। दाेपहर में साैधर्म इंद्र-इंद्राणियाें ने भगवान पार्श्वनाथ से जुड़े प्रसंगाें पर आधारित नाटिकाएं प्रस्तुत करते हुए जीवन जीने की कलाओं का मंचन किया।

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