एक लाख की रिश्वत लेते ट्रेप ASI की कहानी: 2006 में ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में हुई थी विशेष पदोन्नति, ट्रांसफर होने के बावजूद नहीं हो रहा था रिलीव


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जयपुरएक घंटा पहले

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एसीबी की गिरफ्त में आया विद्याधर नगर थाने का एएसआई राधेश्याम यादव (नीली शर्ट) और दलाल मधूसूदन शर्मा

  • विद्याधर नगर थाने में पदस्थापित है एएसआई राधेश्याम यादव, दलाल के मार्फत रिश्वत लेते पकड़ा गया

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के विद्याधर नगर थाने में पदस्थापित ASI राधेश्याम यादव को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की यह रकम अपने दलाल मधुसूदन शर्मा के मार्फत ले रहा था। ACB ने मधुसूदन को भी रंगे हाथ रिश्वत की रकम के साथ धरदबोचा है। रिश्वत की यह रकम धोखाधड़ी के एक मुकदमे में नामजद आरोपी का नाम हटाने की एवज में ली जा रही थी।

भास्कर ने घूसखोर एएसआई राधेश्याम के बारे में पड़ताल की। तब सामने आया कि करीब 10 वर्ष पहले राधेश्याम अपने उत्कृष्ट कार्य की वजह से गैलेंट्री भी पा चुका है। 2006 में राधेश्याम यादव जयपुर के शास्त्री नगर थाने में पुलिस कांस्टेबल था। तब आरपीए रोड पर स्वर्णकार कॉलोनी में एक महिला के ब्लाइंड मर्डर हुआ था। जिसका खुलासा राधेश्याम यादव को मुखबिर से मिली सूचना पर हुआ था और हत्यारा पुलिस गिरफ्त में आया था। तब पुलिस मुख्यालय ने कांस्टेबल राधेश्याम को विशेष पदोन्नति देकर वर्ष 2007-08 में हैडकांस्टेबल बनाया था।

कमिश्नरेट के दूसरे जिले में ट्रांसफर होने पर भी नहीं रिलीव हुआ राधेश्याम

घूसखोरी के मामले में पकड़ा गया एएसआई राधेश्याम यादव का पिछले दिनों जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट जिले में झोटवाड़ा थाने में हो गया था। लेकिन यह विद्याधर नगर थाने से रिलीव नहीं हो रहा था। वह पिछले करीब तीन-चार साल से विद्याधर नगर थाने में पदस्थापित था।

सूत्रों के मुताबिक शिकायतों के चलते राधेश्याम यादव का एकबारगी सुभाषचौक थाने में ट्रांसफर कर दिया था। लेकिन राधेश्याम अफसरों से नजदीकियों के चलते दोबारा विद्याधर नगर थाने पहुंच गया। यहीं राधेश्याम यादव को विभागीय पदोन्नति मिली और करीब दो साल पहले वह एएसआई बन गया।

नजदीकी रिश्तेदार भी ट्रेप हुआ था, फिर ट्रेन के सामने आने से हुई थी मौत

राधेश्याम के नजदीकी रिश्तेदार शिवकुमार भी राजस्थान पुलिस में था। वह शिप्रापथ थाने में स्पेशल टीम में कांस्टेबल था। वर्ष 2017 में शिवकुमार एक मामले में एफ आर लगाने की एवज में रिश्वत लेने की शिकायत में एसीबी की गिरफ्त में आया था। इसके बाद शिवकुमार की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।

अलवर का रहने वाला है एएसआई राधेश्याम यादव, दलाल के मार्फत मांगी थी 5 लाख की रिश्वत

ACB के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि गिरफ्त में आया आरोपी ASI राधेश्याम यादव कमिश्नरेट के नार्थ जिले के विद्याधर नगर थाने में तैनात है। वह अलवर जिले में मुंडावर तहसील के पड़ावा का रहने वाला है। जबकि गिरफ्तार हुआ दलाल मधुसूदन शर्मा है। वह ई-ब्लॉक, बैंक कॉलोनी, मुरलीपुरा का रहने वाला है। इस संबंध में नरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति ने पिछले दिनों एसीबी मुख्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें बताया कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी का एक मुकदमा विद्याधर नगर थाने में दर्ज हुआ था।

इस मुकदमे में उसे राहत देने और एफआईआर से नाम हटाने की एवज में जांच अधिकारी ASI राधेश्याम यादव अपने परिचित दलाल मधुसूदन के मार्फत 5 लाख रुपए की डिमांड कर रहा है। वह लगातार परेशान कर रिश्वत की रकम देने के लिए दबाव डाल रहा है। धमका भी रहा है। तब ACB के स्पेशल इंवेस्टिगेशन शाखा के प्रभारी एडिशनल एसपी संजीव नैन के नेतृत्व में गुरुवार को दलाल और एएसआई को ट्रेप किया गया।

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