उपलब्धि: विकास कार्यों के लिए खर्च करने में झुंझुनूं दूसरे स्थान पर, 278 में से 179 कार्य पूरे किए जा चुके


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झुंझुनूं12 मिनट पहले

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झुंझुनूं का प्रसिद्ध रानी सती मंदिर। (फाइल फोटो)

झुंझुनूं यानी वीरों, दाताओं और भामाशाहों की नगरी। ये देने का भाव यहां के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन में भी दिखता है। शायद यही कारण है कि यहां के जनप्रतिनिधि यानी विधायक अपने कोटे यानी एमएलए- स्थानीय क्षेत्र विकास कोटे से कार्यों के लिए खर्च करने में प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर हैं।

विधायक कोष की राशि खर्च करने, प्रभावी क्रियान्वयन के विभिन्न पैरामीटर्स को लेकर जारी सूची में झुंझुनूं को प्रदेश के 33 जिलों में दूसरा स्थान मिला है। इतना ही नहीं पहले पायदान और झुंझुनूं के बीच फासला महज 0.4 अंकों का ही रहा है। झुंझुनूं जहां 3.2 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, तो वहीं बारां 3.6 अकों को साथ पहले स्थान पर है। विधायक कोटे से विकास कार्यों के लिए नोडल एजेंसी जिला परिषद के बेहतर प्रबंधन का ही परिणाम है कि यहां महज 92.67 लाख रूपए ही औसतन प्रति विधायक के कोष में है। बाकी राशि खर्च की जा चुकी है।

झुंझुनूं में विधायकों के साथ-साथ सरकारी मशीनरी की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि कार्य पूर्णता प्रतिशत की श्रेणी में इसे ‘ए’ ग्रेड मिला है। यहां 278 कार्यों में से 179 कार्य यानी 64.39 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

इससे पहले झुंझुनू की चौथी रैंक थी, अब ये दूसरी रैंक पर आ गया है। वहीं, गत विधानसभा तक के कार्यों का तो 100 फीसदी समायोजन किया जा चुका है। इस मामले में ना केवल झुंझुनूं पहले स्थान पर है बल्कि पूरे प्रदेश में ये उपलब्धि हासिल करने वाला एकमात्र जिला भी है। इसका मतलब ये है कि पिछली विधानसभा में विधायकगणों द्वारा करवाए गए सभी विकास कार्यों का पूरा भुगतान संबंधित एजेंसियों को किया जा चुका है।

ये पैरामीटर्स हैं इस सूची में

ये सूची विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कोष के तहत विधायकों की अभिशंषा, वित्तीय स्वीकृति में लगा समय, प्रशासनिक स्वीकृति में लगा समय, अभिशंषित कार्य को शुरु करने में लगा समय, कार्य को पूरा होने में लगा समय और पिछले कार्यों की राशि के समायोजन के आधार पर 6 पैरामीटर्स से बनी है।

श्रेय पूरी टीम को

झुंझुनूं जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयप्रकाश नारायण कहा कि माननीय विधायकगणों द्वारा निरंतर दिए निर्देश एवं जिला परिषद व पंचायत समितियों के अधिकारगण विशेषतया तकनीकी एवं लेखाधिकारी और कार्मिकों की सजगता व मॉनिटरिंग का ही नतीजा है कि जिला विधायक-स्थानीय क्षेत्र विकास कोष के कार्य निष्पादन में द्वितीय रैंक पर है।

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