उपयोग नहीं करना पड़ा भारी: संकट में MDSU अजमेर के ढाई करोड़ रुपए; वर्किंग वुमन हाॅस्टल का काम ही शुरू नहीं हुआ, राशि होंगी सिरेंडर


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अजमेर17 मिनट पहले

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महर्षि दयानन्द सरस्वती विवि अजमेर

  • तीनों राजकीय काॅलेजाें काे मिले बजट से अनुपयाेग राशि करना हाेगी सरेंडर

वित्तीय वर्ष 2020-21 में यूनिवर्सिटी और राजकीय काॅलेजाें काे मिली राशि उपयाेग नहीं हाेने पर वापस लाैटानी पड़ेगी। राजकीय काॅलेजाें काे यह राशि सरेंडर करने के लिए आयुक्तालय ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। यह राशि 31 मार्च 2021 तक सरेंडर करना हाेगी। इधर एमडीएस यूनिवर्सिटी में एक बार फिर रूसा के तहत मिली ढ़ाई कराेड़ की राशि पर खतरा मंडरा रहा है। वर्किंग वुमन हाेस्टल के लिए मिली इस राशि काे वर्किंग एजेंसी काे ताे साैंप दिया गया लेकिन अब तक इसका उपयाेग नहीं हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार यह राशि वापस मांगेगी ताे यूनिवर्सिटी काे इसे लाैटाना पड़ेगा। खास बात यह है कि शहर के तीन राजकीय काॅलेजाें ने बजट की राशि खर्च ताे कर दी लेकिन कुछ रुपयाें का उपयाेग नहीं हाेने से यह राशि सरेंडर करना पड़ेगी। तीनाें काॅलेजाें की कुल राशि लगभग डेढ़ साै रुपए तक ही है।

आयुक्तालय काॅलेज शिक्षा राजस्थान की ओर से सभी राजकीय काॅलेजाें के प्राचार्याें के नाम जारी इस आदेश में कहा गया है कि सभी काॅलेजाें और क्षेत्रीय कार्यालयाें के आहरण एवं वितरण अधिकारी काे अपने कार्यालय से संबंधित बजट मदाें में जाे राशि आवंटित की गई थी। उस राशि में से यदि कुछ राशि उपयाेग नहीं हुई है या उसका उपयाेग हाेना मुमकीन न हाे ताे उसकी जानकारी तय प्राेफार्मा में देने के लिए पहले भी कहा था। यह जानकारी 8 मार्च तक देनी थी, लेकिन कई काॅलेजाें ने इसकी जानकारी नहीं दी। इसके लिए दाेबारा से मंगलवार तक का समय दिया गया था। सरेंडर की गई राशि काे अन्य काॅलेज में उपयाेग किया जा सकेगा।

इस काॅलेज में इतनी राशि का नहीं हुआ उपयाेग

  • राजकीय गर्ल्स काॅलेज अजमेर काे दिए गए बजट का उपयाेग काॅलेज प्रशासन ने कर लिया है। इसके बाद भी यहां कुछ रुपए उपयाेग नहीं हाे पाए हैं। प्राचार्य डाॅ. उमेश भार्गव ने बताया कि 81 रुपए का उपयाेग नहीं हुआ है। हालांकि इससे ज्यादा का खर्च हाे चुका है लेकिन बिल नहीं हाेने से इसे बचत में मान लिया गया है।
  • राजकीय लाॅ काॅलेज की प्राचार्य डाॅ. वीभा शर्मा का कहना है कि लाॅ काॅलेज के कंप्यूटराइजेशन मद में लगभग 20 रुपए बचे हैं। शेष राशि का उपयाेग हाे चुका है।
  • सम्राट पृथ्वीराज चाैहान राजकीय काॅलेज की प्राचार्य डाॅ. प्रतिभा यादव का कहना है कि काॅलेज काे बजट कम ही मिला था ऐसे में बचत रहने का सवाल ही नहीं है। लेकिन काॅलेज के संबंधित विभाग के कर्मचारी का कहना है कि लगभग 35 से 40 रुपए की राशि बची है।

एमडीएसयू में संकट
इधर एमडीएसयू काे रूसा के तहत पांच कराेड़ रुपए की राशि वर्किंग वुमन हाेस्टल के नाम पर मंजूर की गई थी। इस राशि का पचास फीसदी हिस्सा यानी ढ़ाई कराेड़ रुपए काफी समय पहले ही यूनिवर्सिटी काे अलाॅट कर दिया गया था। शेष हिस्सा ढाई कराेड़ रुपए के यूसी जमा कराने पर अलाॅट हाेना था, लेकिन जाे ढाई कराेड़ रुपए मिले थे उसका उपयाेग भी अभी तक नहीं हाे पाया है। बताया जाता है कि हाेस्टल बनाने का काम RSRDC के जिम्मे हैं। एमडीएसयू की ओर से यह राशि साैंप दी गई है। लेकिन किसी तकनीकी दिक्कत के चलते अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में इस राशि का यूसी नहीं बन सकता है। बताया जाता है कि ऐसी स्थिति में यह ढाई कराेड़ रुपए वापस लाैटाने पड़ सकते हैं। गाैरतलब है कि यूनिवर्सिटी के पहले भी 5 कराेड़ रुपए लेप्स हाे चुके हैं।

(रिपोर्ट: सादिक़ अली)

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