अच्छी खबर: चुनिंदा पीएचसी और सब सेंटर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित हाेंगे, इलाज के साथ योगा की सुविधा भी


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चित्ताैड़गढ़21 दिन पहले

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रंग-रोगन के बाद पीएचसी का बदला रूप।

  • जानिए वेलनेस सेंटर पर यह मिलेंगी सुविधाएं: खान-पान से लेकर योगा और काउंसलिंग की सुविधा भी होगी

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर प्राइमरी इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र (सब सेंटर) तथा पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) की दशा बदल रही है। इन्हें अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के नाम से जाना जाएगा। कुछ सेंटर ताे तैयार भी हाे गए है। नए कलर में यह सेंटर नजर आने लगे हैं।

खास बात यह है कि वेलनेस सेंटरों पर रोगियों की जांच, उपचार के साथ ही योगा की भी सुविधा भी मिलेंगी। इसके लिए इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर ही शुगर, ब्लड प्रेशर, हाईपर टेंशन, कैंसर आदि रोगों की स्क्रीनिंग होगी। इससे आयुष्मान भारत के तहत बीमित मरीजों का प्राइमरी इलाज इन्हीं अस्पतालों में हो जाएगा तो आगे के इलाज के लिए उन्हें उससे ऊपर के अस्पतालों में रेफर करने में आसानी भी होगी। लंबे से समय चुनिंदा पीएचसी एवं सब सेंटराें काे वेलनेस सेंटराें के रूप में डपलप करने की सरकार की याेजना चल रही थीं, जाे अब साकार हाे रही है।

जिले में कुल शहरी एवं ग्रामीण मिलाकर कुल 53 पीएचसी एवं 383 सब सेंटर है। इसमें से 47 पीएचसी एवं 282 सब सेंटर का वेलनेस सेंटर के लिए चयन हुआ है। चिकित्सा विभाग की निर्माण विंग के एनएचम एक्सईएन चंद्रकाश संचेती के अनुसार चयनित 47 पीएचसी पर कलर, सभी इन जगहाें पर एक-एक कमरे काे वेलनेस के रूप में डवलप किया जा चुका है। प्रति पीएचसी पर चार-चार लाख रुपए खर्च हुए है। इसी प्रकार 282 में से 204 सब सेंटराें पर वेलनेस के रूप में डवलप करने पर प्रति पर छह-छह लाख रुपए तथा 78 सब सेंटराें पर सात-सात लाख रुपए का प्रावधान किया है।

चयनित सभी पीएचसी पर काम पूरा हाे चुका तथा 282 सब सेंटराें में से 120 सब सेंटर का काम रनिंग में है। इसी प्रकार जिले के पांच शहरी पीएचसी पर भी रंग राेगन किया जा चुका है। प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपए खर्च हुए है। उल्लेखनीय है कि वेलनेस सेंटराें का काम पूरा हाेने के बाद ग्रामीण क्षेत्र की चिकित्सा सुविधाएं पहले से बेहतर हाेगी। यह सब आयुष्मान भारत अभियान के तहत हाेगा।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, किशोर स्वास्थ्य, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, अंधत्व, श्रवण बाधित रोग, संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, गैर संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, ओरल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, योगा और एक्सरसाइज, काउंसलिंग, स्कूल हेल्थ एजुकेशन, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वेलनेस सेंटर में तैनात महिला स्टाफ क्षेत्र में घर-घर जाकर परिवार के हर सदस्य की जांच करवाएगा। इनका डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड भी रखेगा। कुल मिलाकर स्वस्थ रहने के लिए क्या खाएं और क्या नहीं खाएं इसकी जानकारी के साथ ही रोगों से बचाव को लेकर इन सेंटर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। वेलनेस सेंटर का मूल उद्देश्य लोगों को बीमार हाेने से बचाना है। इसमें योगा एवं अन्य जीवन शैली के रोगों की रोकथाम करना है। इसमें रोग के होने से पहले ही उसके बचाव के उपाय करना है।

सभी 21 सीएचसी का भी रूप बदला
जिले में कुल 21 सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) की बाहर लुकिंग बदल गई है। इस काम के लिए प्रत्येक सेंटर पर दाे-दाे लाख रुपए खर्च हुए है। इसके अलावा कुछ पीएचसी पर दवा काउंटर सहित विविध सुविधाओं का विस्तार का क्रम भी जारी है।

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